मुश्किल से खाना और दवा मिल रही है पंजशीर में, लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में परेशानी बढ़ी

 

पंजशीर में तालिबान का कब्जा होने के पांच दिन बाद भी स्थिति सामान्य नहीं।
पंजशीर में तालिबान का कब्जा होने के पांच दिन बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। यहां खाने और दवाइयों की किल्लत हो गई है और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में परेशानी बढ़ गई है ।

काबुल, आइएएनएस। पंजशीर में तालिबान का कब्जा होने के पांच दिन बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। यहां खाने और दवाइयों की किल्लत हो गई है और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में परेशानी बढ़ गई है। नार्दर्न अलायंस के एक कमांडर सालेह रेगिस्तानी ने कहा है कि उनकी लड़ाई तालिबान के साथ मरते दम तक जारी रहेगी। रेगिस्तानी ने बताया कि पंजशीर में जनता भुखमरी और दवाई की कमी से जूझ रही है। यहां के लोगों ने बताया कि रास्ते अभी भी बंद हैं और दूरसंचार की व्यवस्था भंग है। ऐसी स्थिति में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यहां एक महिला अफसाना मोहम्मदी ने टोलो न्यूज को बताया कि सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं और बच्चों को हो रही है। बिजली लंबे समय से नहीं है।

इधर तालिबान के सांस्कृतिक कमीशन के सदस्य अमानुल्लाह समांगानी ने बताया कि नार्दर्न अलायंस के मुजाहिदीन घाटियों और गुफाओं में छिपे हुए हैं। इनसे बातचीत का प्रयास किया जा रहा है। हम इन लड़ाकों से वापस लौटने की अपील कर रहे हैं। वे वापस पंजशीर लौटें और आम लोगों की तरह जीवन बिताएं। तालिबान के प्रवक्ता ने बताया कि पंजशीर में जल्द ही सड़कों को खोला जाएगा। यहां इंटरनेट भी शीघ्र बहाल होगा। 

पंजशीर में दूरसंचार सेवाएं पूरी तरह ठप

राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के नेता अब्दुल लतीफ पेद्रम ने कहा, 'अभी, पंजशीर प्रतिरोध का केंद्र है और सभी पहाड़ों में प्रतिरोध बल मौजूद हैं।' टोलो न्यूज ने पंजशीर निवासी अफसाना मोहम्मदी के हवाले से कहा कि लोगों के पास खाना नहीं है। बच्चों को बिजली की जरूरत होती है और लोग अलग-अलग इलाकों में बिखरे हुए हैं। प्रांत के एक स्थानीय संवाददाता अब्दुलवासी अल्मास ने कहा कि पंजशीर में दूरसंचार सेवाएं पूरी तरह ठप हैं और बिजली की कमी एक और बड़ी समस्या है।