पोलियो वैक्सीन की आपूर्ति करेगा सीरम इंस्टीट्यूट, विदेशी दवा कंपनी सनोफी पर निर्भर थी सरकार

 

पोलियो वैक्सीन की आपूर्ति करेगा सीरम इंस्टीट्यूट, विदेशी दवा कंपनी सनोफी पर निर्भर थी सरकार।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल में आइपीवी टीके की 54 लाख डोज के लिए एसआइआइ को खरीद का आर्डर दिया है। अब तक सरकार सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम में आइपीवी की आपूíत के लिए विदेशी दवा कंपनी सनोफी पर निर्भर थी।

नई दिल्ली, एजेंसी। सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया (एसआइआइ) इस महीने से सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम के लिए केंद्र सरकार को 'निष्कि्रय' पोलियो टीके (आइपीवी) की आपूíत शुरू करने के साथ ऐसा करने वाली पहली स्वदेशी कंपनी बन जाएगी। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल में आइपीवी टीके की 54 लाख डोज के लिए एसआइआइ को खरीद का आर्डर दिया है। अब तक सरकार सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम में आइपीवी की आपूíत के लिए विदेशी दवा कंपनी सनोफी पर निर्भर थी।

एसआइआइ में सरकार और नियामक मामलों के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने हाल में स्वास्थ्य मंत्रालय को सूचित किया, 'मैं आपको सूचित करना चाहता हूं कि हमारी कंपनी 'सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया' केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को इनएक्टिवेटेड पोलियोमाइलाइटिस वैक्सीन (आइपीवी) की आपूíत करने वाली पहली भारतीय कंपनी बन गई है जो हमारे देश के बच्चों को पोलियोमाइलाइटिस रोग से बचाएगी।' स्वास्थ्य मंत्रालय ने सनोफी को भी आइपीवी की 36 लाख खुराक की आपूर्ति का आर्डर दिया है। एसआईआई की आईपीवी को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से दुनिया के विभिन्न देशों में आपूर्ति के लिए पूर्व अनुमति मिली हुई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सनोफी को भी आईपीवी की 36 लाख खुराक की आपूर्ति का आर्डर दिया है।

सिंह ने अपने पत्र में कहा है कि यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि कोविड-19 टीकों के अलावा कई अन्य जीवन रक्षक टीकों के साथ-साथ, हमारा देश अब आईपीवी में भी आत्मनिर्भर है और हम प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की तर्ज पर आगे बढ़ रहे हैं।’ स्वास्थ्य मंत्रालय की आवश्यकता के अनुसार टीकाकरण कार्यक्रम के लिए शीघ्र ही आईपीवी की पहली खेप जीएमएसडी (सरकारी मेडिकल स्टोर डिपो) को आपूर्ति की जाएगी।

बता दें कि भारत को आधिकारिक तौर पर 2014 में पोलियो मुक्त घोषित किया गया था, लेकिन देश में टीकाकरण कार्यक्रम जारी है। आईपीवी को नवंबर 2015 में शुरू में छह राज्यों में पेश किया गया था, जिसे अप्रैल 2016 तक पूरे देश में विस्तारित किया गया था।