नए मुख्यमंत्री पर मंथन, मनसुख मंडाविया और नितिन पटेल गांधीनगर में भाजपा कार्यालय पहुंचे

 

 

मनसुख मंडाविया और नितिन पटेल गांधीनगर स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचे। फाइल फोटो

विजय रूपाणी के इस्तीफा देने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल गांधीनगर स्थित भाजपा कार्यालय पहुंच गए हैं। इधर गुजरात भाजपा के सभी विधायकों को भी शनिवार को गांधीनगर बुला लिया गया है।

अहमदाबाद,संवाददाता। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के इस्तीफा देने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल गांधीनगर स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचे। इधर, गुजरात भाजपा के सभी विधायकों को गांधीनगर बुला लिया गया है। शनिवार देर रात तक नए मुख्यमंत्री का नाम तय होने की संभावना है। शनिवार को ही भाजपा विधायक दल की बैठक होने की भी संभावना है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दो दिन पहले ही गुजरात के दौरे पर आए थे। उस दौरान प्रदेश के कुछ नेताओं से उन्होंने फीडबैक लिया। प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक तथा शाह के फीडबैक के बाद ही पार्टी ने मुख्यमंत्री का चेहरा बदलने का यह फैसला किया।

मुख्यमंत्री के लिए वर्तमान उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल तथा केंद्रीय मंत्री परसोत्तम रुपाला का नाम सबसे अधिक चर्चा में है। ओबीसी समुदाय को साधने के लिए उप मुख्यमंत्री का पद ओबीसी नेता को सौंपा जा सकता है। रूपाणी के इस्तीफा देते ही उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल भावी मुख्यमंत्री के रूप में ट्विटर पर ट्रेंड हो रहे हैं। गुजरात की कमान किसी पाटीदार नेता के ही हाथ में होगी यह लगभग तय माना जा रहा है। बीते कुछ दिनों में गुजरात में चले राजनीतिक घटनाक्रम के तहत पाटीदार समाज मुख्यमंत्री पद पर दावेदारी जता रहा था। हाल ही केवड़िया में हुई प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में नेताओं से विधानसभा चुनाव के नेतृत्व को लेकर जब सवाल किया गया तो अधिकांश नेताओं ने रूपाणी के नेतृत्व में चुनाव में जीत पर शंका जताई जिसके चलते भाजपा आलाकमान अब नए चेहरे के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगा।

गौरतलब है कि उत्तराखंड व कर्नाटक के बाद भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात का मुख्यमंत्री भी बदलने का अंततः फैसला कर लिया। रूपाणी को हटाए जाने के पीछे सबसे बड़ा कारण आगामी विधानसभा चुनाव को माना जा रहा है, जिसमें पार्टी नए चेहरे के बगैर चुनाव जीतने को लेकर सशंकित थी। गुजरात में पाटीदार समाज भाजपा का कोर बोर्ड बैंक है और अपने कोर बोर्ड बैंक को साधने के लिहाज से भाजपा किसी पाटीदार को ही गुजरात की कमान सौंपेगी।