हरियाणवी कविताओं से गांवों की खूबिया बयां कर रहा सोनीपत का छोरा, फिल्मों में भी दिखा चुके हैं जलवा

 

सोनीपत के रहने वाले अमित आंतिल की फाइल फोटो। जागरण

सोनीपत के गांव दीपालपुर के रहने वाले अमित आंतिल की हरियाणवी कविता देश-विदेश में खूब पसंद की जा रही है। अमित आंतिल इन कविताओं को खुद लिखते हैं। उनमें गांवों की तुलना शहरों से करते हैं। उनकी पांच फिल्में जल्द ही आने वाली हैं।

सोनीपत । हरियाणवी में शार्ट वीडियो बनाकर अमित आंतिल देश-दुनिया में छा गए हैं। गांव-देहात की खूबियों को बयां करती हरियाणवी बोली वाले उनके वीडियो विदेशों तक में पसंद किए जा रहे हैं। अमित आंतिल इन कविताओं को खुद लिखते हैं। उनमें गांवों की तुलना शहरों से करते हैं। शहरों के सापेक्ष गांवों की खूबियों को अलग अंदाज में प्रस्तुत करते हैं। इनको देखने-सुनने वाले गांवों की वादियों में खो जाते हैं। सोनीपत के गांव दीपालपुर के रहने वाले अमित इससे पहले दो फिल्मों में काम कर चुके हैं। उनकी अन्य पांच फिल्में जल्द ही आने वाली हैं। उनकी हरियाणवी कविताओं को दुनिया के पांच देशों में बसे भारतीयों से अच्छा रेस्पांस मिल रहा है।

ये देश अगर चल रहा है तो मैं पांव हूं, मैं गांव हूं, यह शीर्षक देश-दुनिया में धूम मचाने वाली हरियाणवी शार्ट वीडियो का है। 19 सितंबर को यूट्यूब पर अपलोड इस वीडियो पर मेलबर्न, कनाडा और आस्ट्रेलिया सहित पांच देशों से लोगों के संदेश प्राप्त हो रहे हैं। लोग वीडियो को पसंद करने के लिए अपने देश, गांव व माटी वाले कमेंट कर रहे हैं। 

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सोनीपत जिले के छोटे से गांव दीपालपुर के रहने वाले अमित आंतिल फिल्म सियासत और द हिडेन स्टाइक में अपने अभिनय का जलवा दिखा चुके हैं। उनकी पांच और फिल्में बनकर तैयार हैं। वह लाकडाउन के कारण रिलीज नहीं हो पाई थीं।

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जी लागै था उस माटी मैं

अब सितंबर से अमति ने शार्ट वीडियो बनाना शुरू किया है। अभी तक उनके करीब 14 वीडियो आए हैं। इन सभी वीडियो में हरियाणा के गांवों की मस्ती, गांवों के गबरू अंदाज, मस्तमौला जीवन शैली, खुली हवा व पौष्टिक खानपान के साथ ही चौपाल और खेत-खलिहान को वर्णित किया गया है। बोल हरियाणा नाम के चैनल से जारी इन वीडियो का शीर्षक है गामा तै मिलाण। जाने-माने रागनी गायक गुलाब सिंह खंडेलवाल की सुरीली आवाज ने इनको मनमोहक बना दिया है। वीडियो के आरंभ में ही गबई अंदाज को प्रस्तुत करती कविता सुनने को मिलती है, ... जी लागै था, उस माटी में जाना ना हुआ, शहर देखा, मन मे रहा गांव फिर आना ना हुआ।

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उनकी शार्ट वीडियो में सबसे खास रुबरू है तू, एक-एक बोल तू सुन लै ना, मनै इंसाफ चाहिए, बोल मेरे मीठे-खट्टे, एक आशिक होया करदा और बोल हरियाणा पसंद किए गए हैं। दुनियाभर में हरियाणा व हिन्दुस्तान के लोग जहां भी रहते हैं, वह इनको बड़े प्रेम से सुनकर खुद को गांव की सौंधी माटी से जुड़ा महसूस करते हैं।

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लोगों को गांवों से जोड़ने का प्रयास

अमित आंतिल ने बताया कि हरियाणा का नाम आते ही लोगों के जेहन में यहां की मस्त जीवन शैली, बेपरवाह अंदाज और ठेठ गवई बोलचाल छाने लगती है। हम अपने वीडियो में उसी अंदाज को प्रस्तुत कर रहे हैं। कविता मैं खुद लिख रहा हूं। इन वीडियो में यह ध्यान रखने का प्रयास किया जा रहा है कि वर्षों पहले गांव छोड़ गए लोग भी अपने बचपन में खाेकर गांव को महसूस कर उसकी मस्ती में खो जाएं।