डीएसजीएमसी के नामित सदस्य बनने के लिए इन छह उम्मीदवारों के बीच होगी दिलचस्प टक्कर

 

उम्मीदवार को चुनाव जीतने के लिए 46 में से कम से कम 16 सदस्यों का समर्थन हासिल करना होगा।

कमेटी के निर्वाचित सदस्य दो नामित सदस्यों का चुनाव करते हैं। इसके लिए शनिवार तक नामांकन पत्र भरे जा सकते थे। शिअद बादल की ओर से सबसे पहले विक्रम सिंह रोहिणी को अपना उम्मीदवार घोषित किया गया था।

नई दिल्ली । दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) के नामित सदस्य बनने के लिए कुल छह उम्मीद्वारों ने नामांकन पत्र भरा है। सबसे ज्यादा शिरोमणि अकाली दल (शिअद बादल) के चार नेताओं ने दावेदारी पेश की है। छह सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी और आठ सितंबर को नाम वापस लिए जा सकते हैं। जीते हुए सदस्यों की बैठक नौ सितंबर को होगी जिसमें दो नामित सदस्यों का चुनाव होगा।

इनके बीच है मुकाबला

कमेटी के निर्वाचित सदस्य दो नामित सदस्यों का चुनाव करते हैं। इसके लिए शनिवार तक नामांकन पत्र भरे जा सकते थे। शिअद बादल की ओर से सबसे पहले विक्रम सिंह रोहिणी को अपना उम्मीदवार घोषित किया गया था। बाद में कमेटी के कानून प्रकोष्ठ के पूर्व अध्यक्ष जसविंदर सिंह जौली, आरएस आहुजा और सतपाल सिंह चन्न ने भी नामांकन पत्र दाखिल किया। वहीं, शिरोमणि अकाली दल दिल्ली (सरना) की ओर से पार्टी के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना चुनाव मैदान में हैं। पार्टी जग आसरा गुरु ओट (जागो) के तीन जीते हुए सदस्यों के समर्थन का दावा कर रही है। लेकिन, अंतिम दिन जागो के पूर्व महासचिव परमिंदर पाल सिंह ने भी अपनी दावेदारी पेश कर दी।क्रिया भी शुरू हो गई है।