पेश किए झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के सलाहकार सुनील तिवारी


सीजेएम दिलीप कुमार सचान ने दोनों पक्षों को सुना

रांची पुलिस कोर्ट में प्रस्तुत करने के लिए सोमवार की दोपहर में उन्हेंं यहां लेकर पहुंची और सीजेएम न्यायालय में रिमांड के लिए अर्जी लगाई। सीजेएम दिलीप कुमार सचान ने दोनों पक्षों को सुना है। वे दोपहर बाद अपना फैसला देंगे।

इटावा। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के राजनीतिक सलाहकार सुनील तिवारी को सोमवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिलीप सचान की अदालत में ट्रांजिट रिमांड के लिए रांची पुलिस ने प्रस्तुत किया। सुनील तिवारी रविवार की रात को उत्तर प्रदेश आयुॢवज्ञान विश्वविद्यालय सैफई से लखनऊ पीजीआइ के लिए रेफर कर दिए गए थे। रांची पुलिस कोर्ट में प्रस्तुत करने के लिए सोमवार की दोपहर में उन्हेंं यहां लेकर पहुंची और सीजेएम न्यायालय में रिमांड के लिए अर्जी लगाई। सीजेएम दिलीप कुमार सचान ने दोनों पक्षों को सुना है। वे दोपहर बाद अपना फैसला देंगे।

सुनील तिवारी को रांची पुलिस ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के चैनल नं. 104 के पास बने होटल के कमरा नंबर 103 से रविवार को गिरफ्तार किया था। रांची जिले के एजी कालोनी निवासी 60 वर्षीय सुनील तिवारी के खिलाफ अरगोड़ा थाने में 16 अगस्त को आदिवासी नावालिग ने दुष्कर्म, छेड़छाड़ और एससएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था। उन्होंने मामले में अग्रिम जमानत याचिका भी दायर की थी जिसे निचली अदालत ने खारिज कर दिया था। इसके बाद वे हाईकोर्ट गए थे। शनिवार की रात को वे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के टोल प्लाजा के होटल में ठहरे हुए थे। जहां से रविवार को पुलिस ने उन्हेंं गिरफ्तार किया। उन्होंने अपने आप को परेशान बताते हुए अस्पताल ले जाने को कहा था जिसके बाद पुलिस उत्तर प्रदेश आयुॢवज्ञान विश्वविद्यालय लाई थी। उन्होंने हृदयरोग की समस्या बताई थी।

 राजनीतिक साजिश के तहत मुझे फंसाया गया : कोर्ट परिसर में आए सुनील तिवारी ने बातचीत में कहा कि उन्हेंं राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है। उन्होंने बताया कि आदिवासी बालिका काफी दिन पहले उनके यहां से काम करना छोड़कर चली गई थी। उसको बाद में मोहरा बनाकर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। यह सब झारखंड सरकार के इशारे पर हो रहा है। वे न्यायालय से न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं उम्मीद है कि उन्हेंं न्याय मिलेगा।