घर में मौजूद है कबाड़ तो पार्क की सुंदरता के लिए दें दान, जानिए दिल्ली के किस पार्क में किया जा रहा इस्तेमाल

 

पार्को में गमले के तौर पर टायर और प्लास्टिक के कंटेनरों का उपयोग किया जा रहा है।

अजमल खां पार्क में किया गया यह प्रयोग लोगों का मन मोह रहा है। लोगों की सराहना के बाद अब निगम दूसरे पार्को में इस प्रयोग को करने के लिए योजना बना रहा है। निगम की कोशिश हैं कि जिन पार्को में बड़ी संख्या में लोग टहलने आते हैं।

नई दिल्ली । घर में जो कबाड़ लोगों की मुसीबत बढ़ाता है वहीं कबाड़ अब निगम के पार्को की सुंदरता बढ़ा रहा है। चाहे टायरों से बने आकर्षक गमले हों या फिर प्लास्टिक की बोतलों से लटकता वर्टिकल गार्डन। अजमल खां पार्क में किया गया यह प्रयोग लोगों का मन मोह रहा है। लोगों की सराहना के बाद अब निगम दूसरे पार्को में इस प्रयोग को करने के लिए योजना बना रहा है। निगम की कोशिश हैं कि जिन पार्को में बड़ी संख्या में लोग टहलने आते हैं, उनमें प्राथमिकता के तौर पर इस तरह वेस्ट टू आर्ट प्रोजेक्ट से संवारा जाए।

उत्तरी निगम के उद्यान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लैंडफिल साइट पर बहुत बड़ी मात्रा में ऐसा कबाड़ चला जाता है जो उसकी ऊंचाई बढ़ने का कारण बनता है। अगर, इस कचरे को लोग पहले ही अलग-अलग कर लें तो कचरा निस्तारण बहुत आसानी से किया जाता सकता है। ऐसे में ऐसा कबाड़ जिसको बेचने पर कम राशि प्राप्त होती है उसका सदुपयोग कर वेस्ट टू आर्ट प्रोजेक्ट के तहत पार्को में उपयोग किया जा रहा है। पार्को में गमले के तौर पर टायर और प्लास्टिक के कंटेनरों का उपयोग किया जा रहा है। वहीं, प्लास्टिक की बोतलों व अन्य सामग्रियों को भी सजावटी गमले के तौर पर लगाया जा रहा है। यह देखने में सुंदर लगे, इसके लिए इन्हें रंगों से भी रंगा जाता है। अजमल खां पार्क में यह लगाया गया है, जहां पर टहलने आने वाले लोग इनको निहारते हैं तो वहीं सेल्फी भी लेते हैं।

अधिकारी ने बताया कि निगम की कोशिश हैं कि लोग इस प्रोजेक्ट से सीखें, ताकि वह भी ऐसे प्रयोग अपने घर पर कर सकें। इससे प्लास्टिक की अनुपयोगी वस्तुओं का सदुपयोग हो सकेगा। दक्षिणी निगम ने की थी शुरुआतवेस्ट टू आर्ट प्रोजेक्ट की शुरुआत दिल्ली में दक्षिणी निगम ने की थी। इसमें लोगों की अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। इसके बाद अब पूर्वी एवं उत्तरी निगम ने इसे अपनाना शुरू किया है। अनुपयोगी वस्तुओं को विशेषज्ञों की मदद से गमले या अन्य तरह का आकार दिया जाता है, ताकि लोग इससे आकर्षित हो सकें। दक्षिणी निगम इस प्रयोग को 20 से अधिक पार्को में लागू कर चुका है।

इलाके के पार्षद का बयान

वेस्ट टू आर्ट योजना के तहत पार्क में लगे गमले लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। उनकी पहल पर निगम ने यह कार्य किया है। अन्य पार्को में भी इसे लागू किया जाएगा।

-राजेश लावडि़या, पार्षद, करोलबाग