जितेंद्र मान की हत्या में सुनील मान का हाथ ! क्या गैंगवार की बढ़ गई आशंका

 

जितेंद्र मान की हत्या में सुनील मान का हाथ ! क्या बदला लेगा गोगी गैंग?
सुनील मान उर्फ टिल्लू ताजपुरिया और गैंगवार में मारे गए जितेंद्र मान उर्फ गोगी में दोस्ती थी लेकिन 2010 में छात्र संघ चुनाव के दौरान अनबन हो गई। कुछ समय बाद यह अनबन इस कदर दुश्मनी में तब्दील हुई कि गैंगवार में 20 से अधिक लोगों की जान चली गई।

नई दिल्ली,  संवाददाता। बाहरी दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में शुक्रवार को हुए गैंगवार में दिल्ली-हरियाणा का बड़ा गैंगस्टर जितेंद्र मान उर्फ गोगी मारा गया, लेकिन इस हत्याकांड को लेकर कई तरह की कहानियां मीडिया में तैर रही हैं। कहा जा रहा है कि सुनील मान उर्फ टिल्लू ताजपुरिया और गैंगवार में मारे गए जितेंद्र मान उर्फ गोगी में दोस्ती थी, लेकिन वर्ष 2010 में छात्र संघ चुनाव के दौरान अनबन हो गई। कुछ समय बाद यह अनबन इस कदर दुश्मनी में तब्दील हुई कि गैंगवार में 20 से अधिक लोगों की जान चली गई। कहा जा रहा है कि 

गोगी की हत्या में टिल्लू का हाथ !

इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन कहा जा रहा है कि इस गैंगवार और हत्या के पीछे जितेंद्र मान उर्फ गोगी के खास रहे टिल्लू ताजपुरिया का हाथ है। पता चला है कि जितेंद्र मान और सुनील मान के बीच 2010 में एक छात्र संघ चुनाव के दौरान जंग शुरू हुई। इसके बाद दोनोें गैंग के लोगों ने एक-दूसरे के लोगों की हत्या की।जितेंद्र मान उर्फ गोगी को रोहिणी कोर्ट में गोलियों से भून देना, इसी गैंगवार को हिस्सा था। ऐसे में खतरा अब टिल्लू ताजपुरिया पर भी मंडरा रहा है। 

जितेंद्र गोगी की हत्या के बाद दिल्ली और हरियाया के कुछ हिस्सों में अब  टिल्लू ताजपुरिया गैंग का आतंक बढ़ने का खतरा है। दरअसल, जून 2018 में बुराड़ी में टिल्लू गैंग से हुई गैंगवार में 4 लोग मारे गए हैं। नरेला में अक्टूबर 2019 में आम आदमी पार्टी के नेता वीरेंद्र मान उर्फ कालू की 26 गोलियां मार कर जान ली। 

मंडावली जेल में सुरक्षा कड़ी

दिल्ली-एनसीआर के कुख्यात गैंगस्टर जितेंद्र मान उर्फ गोगी की हत्या में सुनील उर्फ टिल्लू गिरोह के बदमाशों का नाम आते ही तिहाड़ जेल प्रशासन की निगाहें मंडोली जेल परिसर पर जा टिकी हैं। मंडोली जेल परिसर में ही हाई सिक्योरिटी वार्ड में गिरोह का सरगना टिल्लू ताजपुरिया बंद है। शुक्रवार दोपहर बाद से इस वार्ड की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। शनिवार को भी जेल में कड़ी सुरक्षा देखी गई। उधर, जेल सूत्रों का कहना है कि भले ही जितेंद्र मान उर्फ गोली की हत्या जेल परिसर में नहीं हुई है, लेकिन इस तरह के मामले के बाद जेल में भी तनाव बढ़ जाता है। तनाव भरे माहौल के बीच सुरक्षा को लेकर कहीं कोई चूक नहीं हो, इस बात के लिए जेल महानिदेशक की ओर से अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे हाई सिक्योरिटी वार्ड में बंद तमाम कैदियों की सुरक्षा व्यवस्था पर चौबीस घंटे निगाह रखें।

सूत्रों का कहना है कि सभी अधीक्षकों को उनकी जेल में बंद हाई रिस्क वार्ड के कैदियों की सुरक्षा की समीक्षा करने को कहा गया है। उनसे यह भी पूछा जा रहा है कि क्या किसी कैदी को अन्य जेल में स्थानांतरित करने की आवश्यकता है या नहीं। यदि अधीक्षक अपनी रिपोर्ट में कैदियों के स्थानांतरित करने की सिफारिश करते हैं तो इस पर जेल प्रशासन गंभीरता से विचार करेगा। इसके अलावा हाई सिक्योरिटी वार्ड के कैदियों पर सीसीटीवी कैमरे की निगरानी जारी है। इस बात पर विशेष जोर दिया जा रहा है कि एक ही जेल में दो विरोधी गिरोह के कैदियों को नहीं रखा जाए। यदि किसी जेल में दो विरोधी गिरोह के बदमाश बंद हैं तो उन्हें तत्काल दूसरी जेल में भेजने की बात कही जा रही है। इसके साथ ही सुरक्षा भी बढ़ाई जाएगी। वहीं, यह भी कहा जा रहा है कि जितेंद्र मान उर्फ गोगी की हत्या में टिल्लू ताजपुरिया का नाम सामने आने के बाद दिल्ली-एनसीआर में गैंगवार की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं।