नियमित व्यायाम से कम हो सकता है एंग्जाइटी का खतरा, पढ़ें- अध्ययन में सामने आई बातें

 

नियमित व्यायाम से कम हो सकता है एंग्जाइटी का खतरा, पढ़ें- अध्ययन में सामने आई बातें
हमारे मानसिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए जब आनलाइन खोज की जाती है तो तरह-तरह के उपाय मिल जाते हैं। अध्ययन में पता चला है कि मानसिक रूप से स्वस्थ रहने और भविष्य में भी इसको बरकरार रखने के लिए सबसे आसान उपाय है नियमित रूप से व्यायाम।

स्टॉकहोम(स्वीडन), एएनआइ। दुनिया में सबसे आम बीमारी लोगों में घबराहट, चिंता या बेचैनी की है। जिसको एंग्जाइटी भी कहा जाता है। अब एक नई शोध में बताया गया है कि नियमित रूप से व्यायाम करने से एंग्जाइटी को रोकने में मदद मिलती है। व्यायाम से 60 फीसद तक इसके खतरों को रोका जा सकता है। यह अध्ययन जर्नल फ्रंटियर्स साइकियाट्री में प्रकाशित हुआ है।

हमारे मानसिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए जब आनलाइन खोज की जाती है तो तरह-तरह के उपाय मिल जाते हैं। अध्ययन में पता चला है कि मानसिक रूप से स्वस्थ रहने और भविष्य में भी इसको बरकरार रखने के लिए सबसे आसान उपाय है, नियमित रूप से व्यायाम। ये जरूरी नहीं है कि इसके लिए कोई विशेष व्यायाम किया जाए। आप कोई भी खेल में भाग ले सकते हैं या फिर नियमित रूप से पैदल चल सकते हैं। दुनिया के दस फीसद लोग ऐसे होते हैं, जिनमें उम्र से पहले ही एंग्जाइटी डिसआर्डर सामने आने लगता है। महिलाओं में यह बीमारी ज्यादा देखी जाती है।शोध करने वाली टीम ने बताया कि नियमित रूप से व्यायाम करने वाले 60 फीसद लोगों में एंग्जाइटी होने की संभावना कम मिली। यह अध्ययन 4 लाख महिला-पुरुषों पर किया गया।

अध्ययन करने वाले मार्टीन स्वेंसन और थामस डीयरबोर्ग बताया कि शारीरिक श्रम और एंग्जाइटी के कम खतरे का संबंध महिलाओं और पुरुषों दोनों में ही समान रूप से देखा गया। अध्ययनकर्ताओं ने कहा कि अत्यधिक व्यायाम या खेल विशेष को लेकर ये परिणाम अलग हो सकते हैं।