मजदूर की बेटी ने यूपीएससी की परीक्षा को किया पास, कहा- सपना हुआ पूरा

 

केरल की अस्वथी एस ने हासिल की देश में 481वीं रैंक
यूपीएससी 2020 परीक्षाओं के परिणाम घोषित किए गए तो केरल ने फिर से सिविल सेवा गौरव हासिल किया है। शीर्ष 100 में राज्य के 11 उम्मीदवार शामिल हैं। त्रिशूर के कोलाझी की मूल निवासी के मीरा ने छठी रैंक हासिल की और केरल की टापर बनीं हैं।

तिरुवनंतपुरम, एएनआइ। देश की सबसे कठिन परीक्षा मानी जाने वाली यूपीएससी परीक्षा का परिणाम शुक्रवार को घोषित किया गया। यूपीएससी 2020 के परीक्षा परिणाम में केरल के तिरुवनंतपुरम के एक कंस्ट्रक्शन मजदूर की बेटी ने 481वीं रैंक हासिल की है। देश में 481वीं रैंक हासिल करने वाली अस्वथी एस ने अपनी सफलता को लेकर बताया कि पिछले 15 साल से सिविल सर्वेंट बनना उनका एक सपना था। उन्होंने कहा, 'मेरा सपना एक आइएएस अधिकारी बनने का है, इसलिए मैंने अपने सपने को पूरा करने के लिए फिर से परीक्षा परीक्षा देने की योजना बनाई है। 

बता दें कि यूपीएससी 2020 परीक्षाओं के परिणाम घोषित किए गए तो केरल ने फिर से सिविल सेवा गौरव हासिल किया है। शीर्ष 100 में राज्य के 11 उम्मीदवार शामिल हैं। त्रिशूर के कोलाझी की मूल निवासी के मीरा ने छठी रैंक हासिल की और केरल की टापर बनीं हैं। वडकारा, कोझीकोड के मिथुन प्रेमराज ने 12 वीं रैंक हासिल की है। राज्य के शीर्ष 11 उम्मीदवारों में आठ महिलाएं हैं जबकि 10 और महिलाओं को 100 से 300 के बीच स्थान दिया गया है।

शीर्ष 100 में जगह बनाने वाले अन्य उम्मीदवारों में करिश्मा नायर (14), पी श्रीजा (20), अपर्णा रमेश (35), अश्वथी जीजी (41), निशा (51), वीना एस सुथन (57), अपर्णा एमबी ( 62), धीनन दस्तगीर (63) और प्रसन्ना कुमार (100) के नाम शामिल हैं।

केरल की टापर बनने वाली मीरा ने चौथे प्रयास में परीक्षा पास की है। उन्होंने कहा, 'मैं इस उपलब्धि से खुश हूं। विषय में गहरी शिक्षा और मेरे ट्यूटर्स से अच्छी कोचिंग ने मुझे उच्च रैंक के साथ परीक्षा पास करने में मदद की है। जो भी कर्तव्य मुझमें निहित हैं, मैं उन्हें पूरी निष्ठा के साथ निभाऊंगी।'