जदयू के पूर्व विधायक रामबालक सिंह व उनके भाई को आर्म्‍स एक्‍ट मामले में पांच साल की सजा, समस्‍तीपुर का मामला

 

पुलिस गिरफ़्त में पूर्व विधायक राम बालक सिंह।
समस्‍तीपुर में सोमवार को सुनवाई में उन्हें पांच साल की सजा दी गई है। विभूतिपुर से विधायक रह चुके हैं रामबालक सिंह । चार जून को विभूतिपुर में सीपीएम के नेता ललन सिंह से मारपीट की घटना के बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था।

समस्तीपुर, सं। व्यवहार न्यायालय में विभूतिपुर से जदयू के पूर्व विधायक रामबालक सिंह तथा उनके भाई लाल बाबू सिंह को सीपीएम नेता ललन सिंह पर जानलेवा हमला करने से संबंधित स्पेशल सत्र संख्या 39/2019 सत्र में सोमवार को तृतीय अपर एवं सत्र न्यायाधीश प्रणव कुमार झा ने सजा सुनाई। न्यायाधीश ने पूर्व विधायक तथा उनके भाई को पांच वर्ष कारावास की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने आर्म्स एक्ट में पांच वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड की भी सजा सुनाई। इसके अलावा भादवि की धारा 324 में भी दोषी पाते हुए तीन वर्ष कारावास एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड, धारा 323 एक वर्ष कारावास और धारा 341 में एक महीना की सजा सुनाई। इसमें कुल 15 हजार रुपये अर्थदंड की राशि देनी है। सभी सजाए साथ-साथ चलेगी। इससे पूर्व शुक्रवार को ही दोषी करार देते हुए न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था। सोमवार को वीड‍ियो कॉन्‍फेंसि‍ंग से सुनवाई हुई और उन्‍हें सजा सुनाई गई। 

न्यायालय सूत्रों से प्राप्त समाचार के अनुसार विगत 21 वर्ष पूर्व विभूतिपुर थाना क्षेत्र के शिवनाथपुर गांव निवासी गंगा सिंह के पुत्री की शादी थी। शादी में सूचक ललन सिंह एवं आरोपित पूर्व विधायक रामबालक सिंह एवं उनके भाई लालबाबू सिंह भी आमंत्रित थे। इसी क्रम में पूर्व विधायक ने सीपीएम नेता को देखते ही उसे पकड़ने की कोशिश की। लेकिन वह भाग निकला। इसके बाद पीछा करते हुए उस पर फायरिंग की गई। जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। हालांकि, फिर भी वह जख्मी अवस्था में भागने में सफल रहा। इलाज के क्रम में उसके हाथ की चार अंगुलियां काटनी पड़ी थी। इस संबंध में पीड़ित ने विभूतिपुर थाना कांड संख्या 62/2000 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। लंबे समय तक इसको लेकर न्यायालय में दोनों पक्षों में बहस हुई। सूचक की ओर से अधिवक्ता मनोज गुप्ता तथा बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता गौतम भारद्वाज ने न्यायालय में पैरवी की।