हरियाणा के खिलाड़ियों से कम नहीं हैं जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ी, प्रदेश को हरियाणा जैसी खेल नीति की जरूरत

 

निर्भय भारत फाउंडेशन के चेयरपर्सन तरुण उप्पल ने कहा कि प्रदेश में खेल नीति बनाना बहुत जरूरी है।
निर्भय भारत फाउंडेशन के चेयरपर्सन तरुण उप्पल ने कहा कि प्रदेश में खेल नीति बनाना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि सलाहकार फारूक खान की देखरेख में प्रदेश की खेल नीति बनाई जा रही है। अगर संभव हो तो सलाहकार एक बार हरियाणा की खेल नीति जरूर पढ़ें।

जम्मू,  संवाददाता। जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ी किसी भी मामले में हरियाणा के खिलाड़ियों से कम नहीं है। फर्क सिर्फ इतना है कि जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बावजूद पिछले कई वर्षों से सरकारी नौकरियां नहीं मिल रही हैं। ऐसा सब प्रदेश में खेल नीति नहीं होने की वजह से हो रहा है। अगर प्रदेश के उपराज्यपाल के सलाहकार फारूक खान हरियाणा राज्य की खेल नीति प्रदेश में लागू करें तो वो दिन दूर नहीं जब प्रदेश के खिलाड़ी ओलंपिक खेलों में भाग लेकर प्रदेश के नाम को चार चांद लगाएंगे।

निर्भय भारत फाउंडेशन के चेयरपर्सन तरुण उप्पल ने कहा कि प्रदेश में खेल नीति बनाना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि सलाहकार फारूक खान की देखरेख में प्रदेश की खेल नीति बनाई जा रही है। अगर संभव हो तो सलाहकार एक बार हरियाणा की खेल नीति जरूर पढ़ें ताकि इससे प्रदेश के खिलाड़ियों का कल्याण हो सके। उन्होंने कहा कि हाल ही में भारत ने टोक्यो ओलिंपिक में शानदार प्रदर्शन किया और हरियाणा के खिलाड़ियों ने विभिन्न खेलों में सात पदक जीतकर देश की लाज रखी है। पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को वहां की सरकार ने सिर आंखों पर बिठा दिया है। ऐसे में प्रदेश के खिलाड़ी इससे काफी उत्साहित हैं लेकिन खेल नीति नहीं होने की वजह से उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। वर्ष 2014 से एसआरओ-349 के तहत किसी भी पदक विजेता खिलाड़ी को सरकारी नौकरी नहीं मिली है। एसआरओ-349 के तहत प्रत्येक वर्ष खिलाड़ियों को 25 सरकारी नौकरियां देने का प्रावधान है लेकिन किन्हीं वजह से अभी तक खिलाड़ी इससे वंचित हैं।

तरुण उप्पल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर स्पोटर्स काउंसिल के पूर्व सचिव ने एसआरओ-349 के तहत 25 की बजाय 50 खिलाड़ियों को हर वर्ष सरकारी नौकरियां देने का प्रावधान रखने की पेशकश की थी लेकिन 50 तो दूर 25 खिलाड़ियों को भी वर्ष 2014 से सरकारी नौकरियां नहीं मिली हैं। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि सरकार नई खेल नीति पर जल्द से जल्द काम कर प्रदेश के खिलाड़ियों को नई खेल नीति के रूप में एक शानदार सौगात देगी। इससे न सिर्फ खिलाड़ियों का कल्याण होगा बल्कि प्रदेश के नाम को खिलाड़ी भविष्य में चार चांद लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।