अब नहीं चलेगी किसी विभाग की ना-नुकुर, मुख्य सचिव बोले पहले दूर करनी होगी जल निकासी की समस्या

 

पहले मिलकर सभी एजेंसियां जलभराव दूर करेंगी, उसके बाद तय होगा किस की संपत्ति पर पानी भरा।
जलभराव के समाधान के अब किसी विभाग की ना-नुकुर नहीं चलेगी। मुख्य सचिव ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जलभराव होने पर सबसे पहले जल निकासी दूर करने का काम होगा। उसके बाद विभागों की जिम्मेदारी तय होगी। जल निकासी में देरी की गई तो सरकार इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।

नई दिल्ली,  संवाददाता। जलभराव के समाधान के अब किसी विभाग की ना-नुकुर नहीं चलेगी। मुख्य सचिव ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जलभराव होने पर सबसे पहले जल निकासी दूर करने का काम होगा। उसके बाद विभागों की जिम्मेदारी तय होगी। जल निकासी में देरी की गई तो सरकार इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। सरकर से जुड़े सूत्र बताते हैं कि गत दिनों दिल्ली मे हुई बारिश के दौरान जलभराव कई घंटे तक बना रहा। जहां पर पानी भरा था उसे निकालने में समय लगा। कछ स्थानों पर यह भी समस्या देखी गई कि विभाग व निगम एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे थे।

दो दिन पहले उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी इस पर नाराजगी जताई थी। शुक्रवार को उन्होंने जल निकासी के मामले में सभी एजेंसियों से समन्वय बनाकर काम करने की बात कही। मुख्य सचिव विजय देव ने इसे गंभीरता से लेते सभी विभागों और एजेंसियों को सचेत किया है बारिश होने पर सबसे पहले जल निकासी के प्रबंध किए जाने चाहिए। इसका प्रयास हो कि जल्द से जल्द जल निकासी की जाए।

इस कार्य में सभी एजेंसियां लगें। पानी का भराव कैसे हुआ, किस की संपत्ति पर पानी भरा है और कहां से आया है। इन सब पर बाद में बात होगी। लोक निर्माण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं कि जलभराव का मुख्य कारण बारिश का अत्यधिक हो जाना है। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव के निर्देश के बाद इस कार्य में जल्दी हो सकेगी।