नामित सदस्यों के लिए दूसरी वरीयता के मतों की होगी गिनतीः जीके

 

जागो के अध्यक्ष का दावा, हाई कोर्ट ने कड़कड़ूडूमा कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा
जीके ने वीडियो में कहा कि नामित सदस्यों के चुनाव में भुल्लर के भाग लेने पर रोक लगाने के कड़कड़डूमा कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट ने कायम रखा है। शिअद (बादल) के दोनों उम्मीदवारों में से किसी को भी 16 मत नहीं मिले हैं।

नई दिल्ली । दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) के नवनिर्वाचित सदस्यों द्वारा चुने जाने वाले दो नामित सदस्यों के परिणाम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। बृहस्पतिवार को हुए मतदान में 46 में से 45 निवार्चित सदस्यों ने मताधिकार का प्रयोग किया था। दिल्ली हाई कोर्ट में मामला लंबित होने के कारण शिरोमणि अकाली दल (शिअद बादल) के भूपिंदर सिंह भुल्लर का वोट बंद लिफाफे में अदालत में जमा कराया गया था। जग आसरा गुरु ओट (जागो) के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने शुक्रवार को फेसबुक पर वीडियो जारी कर हाई कोर्ट द्वारा कड़कड़डूमा कोर्ट के फैसले को कायम रखने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि हाई कोर्ट ने गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय को दूसरी वरीयता के वोट की गिनती करने को कहा है। हालांकि, इस बारे में हाई कोर्ट के फैसले की खबर लिखे जाने तक पुष्टि नहीं हो सकी।

जीके ने वीडियो में कहा कि नामित सदस्यों के चुनाव में भुल्लर के भाग लेने पर रोक लगाने के कड़कड़डूमा कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट ने कायम रखा है। शिअद (बादल) के दोनों उम्मीदवारों में से किसी को भी 16 मत नहीं मिले हैं, इसलिए कोर्ट ने गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय को दूसरी वरीयता के वोट की गिनती करने को कहा है। मतदान पत्र पर निर्वाचित सदस्य अपने पसंद के उम्मीदवार की वरीयता लिखते हैं। अभी पहली वरीयता की गिनती हुई है और शिरोमणि अकाली दल दिल्ली (सरना) के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने जीत के लिए निर्धारित न्यूनतम मत से ज्यादा मत हासिल कर लिए हैं।

उल्लेखनीय है कि दो नामित सदस्यों के लिए हुए चुनाव में परमजीत सिंह सरना को 45 में से 18 मत मिले, जबकि शिअद बादल के विक्रम सिंह रोहिणी को 15 और जसविंदर सिंह जौली को 12 मत हासिल हुए। इसमें जीत के लिए 16 सदस्यों का समर्थन जरूरी है। चुनाव में विक्रम सिंह रोहिणी एक मत से पीछे रह गए। इस चुनाव में प्रीत विहार से मात्र छह वोट से डीएसजीएमसी चुनाव जीते भूपिंदर सिंह भुल्लर का मत मतगणना में शामिल नहीं किया गया है। उनके चुनाव को जागो के उम्मीदवार मंगल सिंह ने चुनौती देते हुए कड़कड़डूमा कोर्ट में अर्जी दायर की थी, जिसपर कोर्ट ने भुल्लर पर नामित सदस्यों के चुनाव में मतदान करने पर रोक लगा दी थी। भुल्लर ने इसे हाई कोर्ट में चुनौती दी है।