साइप्रस में फंसे दस भारतीय क्रू मेंबर, उदयपुर की बेटी ने केंद्र से लगाई मदद की गुहार

 

साइप्रस में फंसे दस भारतीय क्रू मेंबर, कहा-भारत सरकार करे मदद तो बच जाएगी जान। फाइल फोटो

 श्वेता सिंह राठौड़ ने बताया कि एमवी मैरिन नामक क्रूज में दस भारतीयों के अलावा तीन विदेशी भी सवार हैं। उनके पति संजीव सिंह राठौड़ क्रूज के कोपायलट हैं। इंटरनेट मीडिया के जरिए उन्होंने किसी तरह अपनी बात पत्नी से शेयर की है।

उदयपुर। साइप्रस बंदरगाह पर एमवी मैरिन नामक क्रूज में 13 लोग फंसे हुए हैं, जिनमें दस भारतीय तथा तीन विदेशी नागरिक शामिल हैं। भारतीय क्रू मेंबर में एक उदयपुर का रहने वाला है, उसने अपनी पत्नी को बताया कि उनकी जान खतरे में है। जल्द ही भारत सरकार ने कदम नहीं उठाए तो उनकी मौत हो सकती है। इसके बाद उदयपुर की बेटी ने भारत सरकार से गुहार लगाई है कि वह क्रूज में सवार भारतीयों की मदद करे।उदयपुर की श्वेता सिंह राठौड़ ने दैनिक जागरण को बताया कि एमवी मैरिन नामक क्रूज में दस भारतीयों के अलावा तीन विदेशी भी सवार हैं। उनके पति संजीव सिंह राठौड़ क्रूज के कोपायलट हैं। इंटरनेट मीडिया के जरिए उन्होंने किसी तरह अपनी बात पत्नी से शेयर की है। जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी जान खतरे में है। भारत सरकार ने यदि उनकी मदद नहीं करती तो उनकी जान बचना मुश्किल है। इसके बाद श्वेता सिंह ने भारतीय दूतावास से संपर्क कर मदद मांगी है, वहीं जिला प्रशासन के माध्यम से अपनी बात केंद्र सरकार तक पहुंचाई है।

जानें, क्या है मामला

श्वेता सिंह का कहना है कि मामला क्रूज की बिक्री को लेकर हुए करार को लेकर जुड़ा हुआ है। जिसके चलते क्रूज के कर्मचारी उलझ गए और साइप्रस बंदरगाह पर फंसे हुए हैं। उनका कहना है कि क्रूज के कर्मचारियों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला और पिछले कुछ दिनों से खाने-पीने तक को वह तरस गए हैं। इसी क्रूज के कोपायलट संजीव सिंह राठौड़ हैं, जो उदयपुर के रहने वाले हैं। उनकी पत्नी श्वेता सिंह राठौड़ बताती हैं कि शुक्रवार शाम के बाद उनसे संपर्क नहीं पा रहा। क्रू मेंबर को पिछले पांच दिन से भोजन-पानी नहीं मिला है। क्रूज कंपनी का लीबिया जाने पर दबाव है, जबकि भारतीय एडवाइजरी उन्हें लीबिया जाने से रोके हुए है। ऐसे में क्रूज में मौजूद भारतीय सदस्य अपने देश आना चाहते हैं। श्वेता सिंह के मुताबिक, एमवी मरीन पूर्व में एससी एस्त्रा कंपनी का था, जो नार्वे की कंपनी थी। जिसे बाद में एमवी मरीन ने खरीद लिया और वह लीबिया की कंपनी है। श्वेता सिंह की अपील पर उदयपुर सांसद अर्जुन लाल मीणा ने भी विदेश मंत्रालय से संपर्क साधा है।

साइप्रस पोर्ट अथारिटी से नहीं मिली मदद

श्वेता सिंह के मुताबिक, उनके पति संजीव सिंह पायलट तथा अन्य क्रू सदस्य एक महीने से फंसे हुए हैं। साइप्रस पोर्ट अथारिटी से उन्हें मदद नहीं मिल पा रही। ऐसे में भारतीय विदेश मंत्रालय से मदद संभव है। पिछले दिनों से पर्याप्त भोजन के अभाव में ज्यादातर क्रूज मेंबर की तबियत खराब है। जिनमें उदयपुर के संजीव सिंह के अलावा उत्तर प्रदेश के अवधेश कुमार, प्रतीक गौड, तमिलनाडु के विजय शेखरन, महाराष्ट्र के सुनील कुमार, बिहार के चंदन कुमार और ऋषभराज, केरल के बीनू थामस, पश्चिम बंगाल के महबूब के अलावा रूस के एलेक्जेंडर, इटली के हुसाम नाजर तथा यूक्रेन के क्लिस्टोव शामिल हैं।