याचिकाएं दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाने का आदेश वापस लेगा सुप्रीम कोर्ट, एक अक्टूबर से समयसीमा प्रारंभ करने का दिया संकेत

 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के मद्देनजर याचिकाएं दाखिल करने के लिए एक आदेश जारी करेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के मद्देनजर याचिकाएं दाखिल करने के लिए कानूनी समयसीमा बढ़ाने के अपने पूर्व के आदेश को वापस लेने के लिए वह एक आदेश जारी करेगा। पढ़ें यह रिपोर्ट....

नई दिल्ली, एएनआइ। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के मद्देनजर याचिकाएं दाखिल करने के लिए कानूनी समयसीमा बढ़ाने के अपने पूर्व के आदेश को वापस लेने के लिए वह एक आदेश जारी करेगा। शीर्ष अदालत ने संकेत दिया कि समयसीमा अब एक अक्टूबर से प्रारंभ होगी। प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना, जस्टिस एल. नागेश्वर राव और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने कहा कि कोरोना के मामले अब कम हो गए हैं और संकेत दिया कि 90 दिनों की समयसीमा एक अक्टूबर से प्रभावी होगी।

पीठ ने अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल से कहा, 'हमें लगता है कि अब हम आदेश वापस ले सकते हैं। अब हम कह सकते हैं कि समयसीमा का विस्तार एक अक्टूबर तक रहेगा।' शीर्ष अदालत ने 23 मई, 2020 को आदेश पारित कर निर्देश दिया था कि कोरोना महामारी की वजह से सभी मामलों में समयसीमा को 15 मार्च, 2020 से अगले आदेश तक बढ़ा दिया गया है, भले ही सामान्य या विशेष कानूनों में यह समयसीमा कुछ भी निर्धारित हो।

इसके बाद आठ मार्च, 2021 को देश में सामान्य होते हालात का हवाला देते हुए शीर्ष अदालत ने समयसीमा के विस्तार को खत्म कर दिया था लेकिन कोरोना की दूसरी लहर पर संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस साल 27 अप्रैल को याचिकाएं दाखिल करने की कानूनी समयसीमा में फिर से छूट प्रदान कर दी थी। इसमें चुनावी याचिकाएं भी शामिल हैं।