कोरोना संक्रमण के दौर में सुरक्षित यात्रा के लिए रेलवे ने उठाया कदम, कोच होंगे कीटाणु मुक्त

 

दिल्ली मंडल लखनऊ शताब्दी में कर रहा है इस तकनीक का प्रयोग
दिल्ली मंडल लखनऊ शताब्दी (02004) को सैनिटाइज करने के लिए यूवीसी (अल्ट्रा वायलट सी बैंड) रोबोट का इस्तेमाल किया कर रहा है। रिमोट कंट्रोल से चलने वाली इस मशीन के इस्तेमाल से पूरी ट्रेन को कीटाणुरहित किया जा रहा है। इसके परिणाम काफी अच्छे रहे हैं।

नई दिल्ली । कोरोना संक्रमण के दौर में अल्ट्रा वायलट किरणों से रेल के कोच को सैनिटाइज किया जाएगा जिससे यात्रियों का सफर सुरक्षित हो सके। अभी तक अस्पतालों में इस तकनीक का उपयोग किया जाता रहा है। एयर इंडिया भी इसका उपयोग कर रहा है। अब दिल्ली रेल मंडल ने भी इसकी शुरुआत कर दी है। फिलहाल लखनऊ शताब्दी के कोच को इससे कीटाणुरहित किया जा रहा है। आने वाले दिनों में कुछ अन्य ट्रेनों में भी यह सुविधा उपलब्ध होगी।

शताब्दी को सैनिटाइज करने के लिए किया जा रहा इस्तेमाल

दिल्ली मंडल लखनऊ शताब्दी (02004) को सैनिटाइज करने के लिए यूवीसी (अल्ट्रा वायलट सी बैंड) रोबोट का इस्तेमाल किया कर रहा है। रिमोट कंट्रोल से चलने वाली इस मशीन के इस्तेमाल से पूरी ट्रेन को कीटाणुरहित किया जा रहा है। इसके परिणाम काफी अच्छे रहे हैं। यह तकनीक उन स्थानों को भी कीटाणुरहित करने में भी कारगर है जिसे किसी और तरीके से सैनिटाइज नहीं किया जा सकता है। इसके इस्तेमाल में मानव के संपर्क की जरूरत नहीं पड़ती है, इसलिए यह पूरी तरह सुरक्षित है। वाशिंग लाइन पर इसे आसानी से उपयोग में लाया जा सकता है।

यात्रियों की सुरक्षित यात्रा के लिए भारतीय रेलवे उठा रहा कदम

उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने कहा कि कोरोना संकट के दौर में यात्रियों की सुरक्षित यात्रा के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। उत्तर रेलवे ने यात्री कोच को कीटाणुरहित करने के लिए कई परीक्षण के बाद यूवीसी तकनीक को अपनाया है। यह तकनीक कोरोना वायरस को नष्ट कर देती है। सरकार द्वारा प्रमाणित प्रयोगशाला द्वारा किए गए परीक्षण में पाया गया है कि इस तकनीक के प्रयोग से जीवाणु व कीटाणु को 99.99% तक मर जाते हैं। इस तकनीक को भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद द्वारा अनुमोदित किया गया है।