कवि कुमार विश्वास ने कुछ इस अंदाज में दी अशेष बधाईयां व शुभकामनाएं

 

कुमार विश्वास ने हिंदी दिवस लोगों को अशेष बधाइयां और देर सारी शुभकामनाएं दी।
 कुमार ऐसे कवि प्रेमियों की फरमाइश भी इसी अंदाज में पूरी भी करते हैं। उनको सुनने के लिए वो अपने ट्विटर हैंडल से कई बार सामाजिक सरोकारों के संदेश भी देते रहते हैं और सामाजिक मुद्दे भी उठाते रहते हैं।

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क।  देश के जाने-माने कवि कुमार विश्वास ने हिंदी दिवस के मौके पर देश भर के लोगों को अशेष बधाइयां और देर सारी शुभकामनाएं दी है। उन्होंने अपने इंटरनेट मीडिया एकाउंट ट्विटर पर इस संबंध में एक ट्वीट भी किया है। सभी जानते हैं कि देश में हिंदी भाषी कवियों में कुछ गिने चुने लोग शामिल हैं जिसमें कुमार विश्वास की अपनी अलग ही पहचान है। कुमार विश्वास हिंदी कविता कहने के मामले में अपनी एक अलग ही पहचान रखते हैं। शायद यही वजह है कि जब भी कहीं कवि सम्मेलन का आयोजन होता है और उनके आने की सूचना होती है तो दूर-दूर से लोग उनकी कविता को सुनने के लिए सम्मेलन में पहुंचते हैं।

इन सुनने वालों में कोई न कोई एक ऐसा जरूर होता है जो उनकी कविता कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है को सुनने की फरमाइश न करें। कुमार ऐसे कवि प्रेमियों की फरमाइश भी इसी अंदाज में पूरी भी करते हैं। उनको सुनने के लिए वो अपने ट्विटर हैंडल से कई बार सामाजिक सरोकारों के संदेश भी देते रहते हैं और सामाजिक मुद्दे भी उठाते रहते हैं। कोरोनाकाल में उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से सैकड़ों लोगों की मदद भी की ये किसी से छिपा नहीं है।

कुमार विश्वास की हिंदी की कई कविताएं हैं जो आम भी छोटे-बड़े बड़ी आसानी से पढ़ते और गुनगुनाते हैं। उनकी एक प्रसिद्ध कविता कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है तो आए दिन किसी न किसी के मुंह से सुनने को मिल ही जाती है। वो अपने नए कवि प्रेमियों का उत्साहवर्धन भी करते रहते हैं।