बैंकिग सेक्टर में हैं आपको एक्सपीरियंस तो फिनटेक सेक्टर में हैं पैसे कमाने के खूब मौके

 

कोविड-19 ने भारतीय फिनटेक सेक्टर के विकास में अहम भूमिका निभायी है।

भारतीय फिनटेक मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। 2016 में नोटबंदी के बाद से डिजिटल पेमेंट में क्रांति आ गई। एआइ ब्लाकचेन एवं इंटरनेट आफ थिंग्स जैसी तकनीकों के इस्तेमाल ने आनलाइन बैंकिंग लेंडिंग को भी आसान बना दिया है।

नई दिल्‍ली। केपीएमजी की पल्स आफ फिनटेक हाफ ’21’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2021 के शुरुआती महीनों में ही भारतीय फिनटेक सेक्टर में करीब 2 बिलियन डालर का निवेश किया गया है। देश का फिनटेक मार्केट अमेरिका एवं ब्रिटेन के बाद तीसरा सबसे बड़ा मार्केट बन गया है। चेन्नई के तीन पूर्व बैंकर्स ने भी वर्ष 2012 में जिस फिनटेक स्टार्टअप ‘क्रेडिटमंत्री’ की नींव रखी थी, वह मार्केट में मजबूती के साथ टिका हुआ है। इस स्टार्टअप का उद्देश्य था कि ग्राहक अपने क्रेडिट का बेहतर प्रबंधन एवं कर्ज लेने का सही निर्णय ले सकें।

आज लाखों यूजर्स प्लेटफार्म का प्रयोग कर रहे हैं। 50 से अधिक लेंडर्स प्लेटफार्म से जुड़े हैं। इनमें पब्लिक, प्राइवेट एवं विदेशी बैंक शामिल हैं। कंपनी के सह-संस्थापक एवं सीईओ रंजीत पुंजा कहते हैं कि निश्चित तौर पर प्रतिस्पर्धा बढ़ी है और हम उसका स्वागत भी करते हैं, क्योंकि यह हर किसी को अपना सर्वोत्तम देने के लिए प्रेरित करती है। इसलिए आपको जो भी रना पसंद है, उसमें खुद को समर्पित कर दें। जीवन भर स्टूडेंट बने रहें और निरंतर खुद को अपडेट करते रहें।

बैंकिंग के अनुभवों से मिली मदद : रंजीत ने चेन्नई के लायला कालेज से कामर्स में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद अमेरिका की विसकांसिन यूनिवर्सिटी से एमबीए किया। 25 वर्ष से अधिक बैंकिंग सेवा में रहे। करीब 23 वर्ष सिटी बैंक में वैश्विक नेतृत्वकर्ता की भूमिका निभायी। यहां अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के लेंडिंग बिजनेस से लेकर अमेरिका के कार्ड्स कलेक्शन बिजनेस को संभाला। उसी बीच उन्हें भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में विकास की असीम संभावनाएं नजर आईं। बताते हैं रंजीत, 'मैंने महसूस किया कि यह जीवन में आने वाले किसी सुनहरे अवसर से कम नहीं था, जब हम कुछ सार्थक निर्माण कर सकते थे। मैंने अपने साथियों से एक विजन शेयर किया कि कैसे हरेक व्यक्ति के लिए वित्तीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए। फिर काफी चर्चा के बाद हमने ‘क्रेडिटमंत्री’ शुरू करने का फैसला लिया। इसमें बैंकिंग के हमारे पूर्व अनुभव बहुत काम आए और हमने नौकरी से इतर उद्यमिता में प्रवेश किया।

क्रेडिट दिलाने में मददगार बना प्लेटफार्म : शुरुआती वर्षों में कंपनी के विकास की दर धीमी रही। सभी ने निजी पूंजी निवेश किया था। लेकिन जैसे ही इसे डिजिटल मोड पर डाला गया, विकास दर तेज हो गई। आज कंपनी डाटा एवं टेक्नोलाजी की मदद से क्रेडिट की सुविधा उपलब्ध कराती है। प्लेटफार्म पर एक बार कस्टमर का प्रोफाइल क्रिएट हो जाने पर वह आसानी से लेंडर्स से क्रेडिट प्रोडक्ट्स (कर्ज, क्रेडिट कार्ड आदि) एक्सप्लोर कर सकते हैं, अपनी मौजूदा वित्तीय मसलों एवं लेनदारी आदि का हल निकाल सकते हैं। इसी तरह, बीटुबी बिजनेस में क्रेडिटमंत्री डाटा प्वाइंट्स की मदद से लेनदारों को तीव्र गति से एवं सही फैसले लेने में मदद करते हैं।

इनोवेशन करते हुए आगे बढ़े : यह सही है कि आज अनेक पूर्व बैंकर्स उद्यमिता में आ रहे हैं। बैंकिंग सेवा एवं ग्राहकों की जरूरतों की बेहतर समझ होने के कारण वे काफी प्रभावशाली भी साबित हो रहे हैं। हाल के दिनों में फिनटेक कंपनियों की विकास दर इसकी गवाही देती है। रंजीत कहते हैं, 'हम इनोवेशन, सर्वश्रेष्ठ टीम निर्माण एवं ग्राहकों का खयाल रखते हुए आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं। प्रतिस्पर्धा का हम स्वागत करते हैं, क्योंकि यह हर किसी को अपना सर्वोत्तम देने के लिए प्रेरित करती है। अंतत: इसका फायदा ग्राहकों को ही होता है। डाटा एवं टेक्नोलाजी की शक्ति से हम उन सभी लोगों तक क्रेडिट की सुविधा पहुंचा सकते हैं, जिससे कि वे अपने जीवन को बेहतर बना सकें।

मुश्किलें से डरें नहीं, संतुलन बनाएं : बिजनेस हो या सर्विस सेक्टर, मुश्किल घड़ियां या विपरीत परिस्थितियां सबके सामने आती रहती हैं। उसी में संतुलन बनाकर चलना होता है। रंजीत के समक्ष जब भी कोई परेशानी आती है, तो उसे समेटने की कोशिश करते हैं। वह बताते हैं, 'मैं दौड़ने निकल जाता हूं या मोटरसाइकिल चलाता हूं या फिर साइक्लिंग करने निकल पड़ता हूं। इससे तमाम तनाव खत्म हो जाते हैं और मैं अधिक स्पष्टता से सोच पाता हूं। अपने आसपास भी सकारात्मक माहौल बनाए रखता हूं। बेटी, पत्नी एवं कुत्ते के साथ समय बिताता हूं। गायत्री मंत्र का जाप करता हूं। ध्यान-साधना करता हूं और कभी-कभी एनिमल प्लैनेट के वीडियोज देखता हूं। दूसरों से भी यह कहना चाहूंगा कि हमेशा अपने तन-मन को स्वस्थ रखने का प्रयास करें।