गजब, मां के जिंदा होने पर भी मुरादाबाद में युवती का मृतक आश्रित में पंचायत सहायक के पद पर हो गया चयन


पीड़ित की शिकायत पर जिलाधिकारी ने डीपीआरओ को दिए जांच के आदेश।
 विकास खंड मुरादाबाद की ग्राम पंचायत हटहट की युवती की मां जिंदा होने पर भी उसे मृतक आश्रित में पंचायत सहायक पद पर नौकरी दे दी गई। दूसरी दावेदार युवती की शिकायत पर डीएम ने जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए है।

मुरादाबाद: विकास खंड मुरादाबाद की ग्राम पंचायत हटहट की युवती की मां जिंदा होने पर भी उसे मृतक आश्रित में पंचायत सहायक पद पर नौकरी दे दी गई। दूसरी दावेदार युवती की शिकायत पर डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने पंचायती राज अधिकारी को मामले में जांच कर कार्रवाई के आदेश दिया है। सदर ब्लाक की ग्राम पंचायत हटहट की रहने वाली युवती नेहा नाज ने जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह को दिए गए शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि उसने पंचायत सहायक पद के लिए आवेदन किया था।

अंकों के आधार पर उसके अंक सभी से अधिक है और मेरिट के हिसाब से उसका चयन होना चाहिए था। लेकिन, पंचायत विभाग में तैनात कर्मचारियों ने 25 अगस्त को रूबीना परवीन नाम की युवती का चयन कोविड-19 में मरने वाले मृतक आश्रित कोटे के तहत कर दिया। नेहा का आरोप है कि रूबीना सगी मांग ननिया उर्फ नसीम जहां जिंदा है। उसकी सौतेली मां नसीम की मौत कोविड के कारण हुई है। रूबीना के सभी प्रमाण पत्रों में उसकी मां का नाम नसीम जहां है, जबकि मौत नसीमा की हुई है। दोनों का नाम समान होने के कारण उसने फायदा उठाया है। युवती ने जिलाधिकारी से अंकों के आधार पर पंचायत सहायक पद पर अपना चयन करने की गुहार लगाई है।

बुखार की रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश : अपर मुख्य सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग एवं जनपद के नोडल अधिकारी मनोज शनिवार को मुरादाबाद पहुंचे। सर्किट हाउस सभागार में शासन की प्राथमिकताओं एवं विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान कार्यों के पूर्ण कराते समय गुणवत्ता पर जोर देने के साथ ही शिथिलता बरतने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव मनोज सिंह ने मुरादाबाद जनपद में डेंगू आउटब्रेक, स्क्रब टाइफस एवं मलेरिया के प्रभावी नियंत्रण हेतु चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों से चर्चा की।

बुखार की रोकथाम के लिए मौसमी बीमारियों को बढ़ने से रोकने के लिए योजना तैयार करने के लिए कहा। साथ ही चौकसी व निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया। बाढ़ आदि के लिए जारी किए अलर्ट पर उन्होंने राहत कैंपों की स्थापना एवं संचालन, बाढ़ प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न एवं अन्य राहत सामग्री के वितरण, नाव एवं मोटरवोट के इंतजाम के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी आनंद वर्धन, नगर आयुक्त संजय चौहान, सीएमओ डा. एमसी गर्ग, एडीएम वित्त प्रीति जायसवाल सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।