पीडि़ता के चाचा और पिता की हत्या में सजायाफ्ता तत्कालीन दारोगा न्यायालय में पेश

 

कोर्ट के बाहर कड़े सुरक्षा प्रबंध किये गये

मंगलवार को दिल्ली पुलिस दुष्कर्म पीडि़ता के चाचा को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अपर जिला जज कोर्ट नंबर छह न्यायाधीश अलोक शर्मा के न्यायालय लेकर पहुंची। जहां उनसे पहले ही सजायाफ्ता निलंबित तत्कालीन दारोगा केपी सिंह को भी कोर्ट लाया जा चुका था।

उन्नाव। माखी कांड दुष्कर्म पीडि़ता के चाचा को हत्या के प्रयास मामले में मंगलवार को अपर जिला जज कोर्ट नंबर छह न्यायालय में दिल्ली पुलिस ने पेश किया। इसी मामले में मुकदमे के तत्कालीन विवेचक व पीडि़ता के पिता की हत्या में सजा याफ्ता निलंबित दारोगा केपी सिंह को भी कोर्ट में पेश किया गया। जहां दोनों के पूर्व में हुए बयानों के बाद बचाव, अभियोजन पक्ष के वकीलों ने जिरह की। इस बीच कोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। मंगलवार को दिल्ली पुलिस दुष्कर्म पीडि़ता के चाचा को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अपर जिला जज कोर्ट नंबर छह न्यायाधीश अलोक शर्मा के न्यायालय लेकर पहुंची। जहां उनसे पहले ही सजायाफ्ता निलंबित तत्कालीन दारोगा केपी सिंह को भी कोर्ट लाया जा चुका था।

बताते हैं कि दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद पहले पीडि़ता के चाचा से शासकीय अधिवक्ता यशवंत सिंह और बचाव पक्ष से अधिवक्ता कृपा शंकर सिंह ने जिरह बहस की। इसके बाद दिल्ली पुलिस पीडि़ता के चाचा को लेकर चली गई। इसके बाद चाचा पर दर्ज हत्या के प्रयास के मुकदमा के तत्कालीन विवेचक रहे सजा याफ्ता निलंबित दारोगा केपी सिंह से बचाव पक्ष के अधिवक्ता कृपा शंकर सिंह ने बयान के आधार पर बहस की। कोर्ट के बाहर कड़े सुरक्षा प्रबंध किये गये थे। आने जाने वाले लोगों पर पूरी नजर रखी गई।

क्या था मामला : वर्ष 2017 में माखी गांव निवासी विनोद मिश्रा ने पूर्व विधायक सजायाफ्ता कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ पर्चों को बांटने से आपत्ति करने पर प्राण घातक हमले का आरोप लगाते हुए दुष्कर्म पीडि़ता के चाचा पर हत्या के प्रयास का मुकदमाा दर्ज कराया था। इस मामले की सुनवाई एडीजे कोर्ट नंबर छह में चल रही है। जहां मंगलवार को पीडि़ता के चाचा की पेशी थी। वहीं मुकदमे के विवेचक रहे निलंबित दारोगा केपी सिंह को बयान जिरह के लिए न्यायालय में पेश किया गया था।

कौन है सजायाफ्ता निलंबित दारोगा केपी सिंह : माखी कांड में दुष्कर्म पीडि़ता के पिता की हत्या के मामले में तत्कालनीन माखी थाने में रहे इस समय निलंबित चल रहे सजायाफ्ता दारोगा केपी सिंह को सीबीआई ने हत्या में दोषी माना था। जिसमें 30 हजारी कोर्ट ने दारोगा समेत अन्य दोषियों के दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में दारोगा समेत सभी दोषी व आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर तिहाड़ जेल में बंद है।