अतिथि शिक्षिकों के कार्य दिवस में नहीं जोड़ा जाएगा मातृत्व अवकाश

 

निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक अतिथि शिक्षक के कार्य दिवस को लेकर शिक्षकों में असमंजस हैं।
अगर किसी अतिथि शिक्षक को गर्मी या सर्दी की छुट्टियों के दौरान स्कूल बुलाया जाता है तो उस दिन को उसके कार्य अनुभव को सर्टिफिकेट में जोड़ा जाएगा। शोएब राणा ने कहा कि मातृत्व अवकाश मिलना तो सभी महिलाओं का हक है।

नई दिल्ली ,शिक्षा निदेशालय ने अतिथि शिक्षकों के कार्य दिवस को लेकर परिपत्र जारी किया है। इसमें निदेशालय ने स्पष्ट किया कि अगर अतिथि शिक्षक मातृत्व या किसी अन्य तरह के अवकाश पर हैं तो ये उनके कार्य दिवस की गिनती में शामिल नहीं होंगे। निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक अतिथि शिक्षक के कार्य दिवस को लेकर शिक्षकों में असमंजस हैं।

सरकार के काम को कार्य दिवस में जोड़ा जाएगा

अतिथि शिक्षक विभाग से तरह- तरह के सवाल पूछ रहे थे। इसलिए उनके कार्य दिवस को स्पष्ट करना जरूरी था। उन्होंने कहा कि अतिथि शिक्षक अगर सरकारी ड्यूटी या अन्य निदेशालय या सरकार की ओर से तय की गई अन्य किसी ड्यूटी में हैं तो ही ये उनके कार्य दिवस में जोड़े जाएंगे।

कार्य अनुभव को सर्टिफिकेट में जोड़ा जाएगा

इसके साथ ही अगर किसी अतिथि शिक्षक को गर्मी या सर्दी की छुट्टियों के दौरान स्कूल बुलाया जाता है तो उस दिन को उसके कार्य अनुभव को सर्टिफिकेट में जोड़ा जाएगा। आल इंडिया गेस्ट टीचर एसोसिएशन के पदाधिकारी शोएब राणा ने कहा कि निदेशालय नियमित शिक्षिकाओं के मातृत्व अवकाश को उनके कार्य दिवस के तौर पर गिनता है, लेकिन अतिथि शिक्षकों के नहीं। उन्होंने निदेशालय से अतिथि शिक्षिकाओं के मातृत्व अवकाश को कार्य दिवस में शामिल करने की मांग करते हुए कहा कि मातृत्व अवकाश मिलना तो सभी महिलाओं का हक है।

हिंदी में 91 फीसद से अधिक लाने वाले छात्र सम्मानित

वहीं, दिल्ली हिंदी साहित्य सम्मेलन की ओर से नई दिल्ली नगर पालिका परिषद के सहयोग से उत्कृष्ट हिंदी विद्यार्थी सम्मान का आयोजन किया गया। इस दौरान आदर्श अटल विद्यालय और नवयुग स्कूल से सत्र 2020-21 की 12वीं बोर्ड परीक्षा में उत्तीर्ण हुए छात्रों को हिंदी विषय में 91 फीसद से अधिक अंक लाने पर 76 छात्रों को उत्कृष्ट हिंदी विद्यार्थी सम्मान से सम्मानित किया गया। इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर नई दिल्ली नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष धर्मेद्र और विशिष्ट अतिथि के तौर पर नई दिल्ली नगर पालिका परिषद के शिक्षा निदेशक आरपी सती उपस्थित हुए। इस दौरान मुख्य अतिथि ने दिल्ली हिंदी साहित्य सम्मेलन की ओर से हिंदी के प्रचार-प्रसार में किए जाने वाले कार्यो की सराहना की। उन्होंने कहा कि भविष्य के लिए हिंदी की पताका को उठाने वाले पीढ़ी तैयार होगी।