तालिबान के समर्थन में कुछ महिलाओं ने निकाली रैली, आतंकी संगठन के फरमान को ठहराया सही

 

तालिबान के समर्थन में कुछ महिलाओं ने निकाली रैली, आतंकी संगठन के फरमान को ठहराया सही

अफगानिस्तान में जहां एक तरफ अफगान महिलाएं तालिबान का विरोध कर रही हैं वहीं कुछ महिलाओं ने आतंकी संगठन का समर्थन किया है। कुछ छात्राओं ने तलिबान के समर्थन में रैली निकाली। साथ ही तालिबान के सभी फरमान को सही ठहराया।

नई दिल्ली, आइएएनएस। अफगानिस्तान में जहां एक तरफ अफगान महिलाएं तालिबान का विरोध कर रही हैं वहीं कुछ महिलाओं ने आतंकी संगठन का समर्थन किया है। अब खबर है कि कुछ छात्राओं ने तलिबान के समर्थन में रैली निकाली। इसके साथ ही हाल ही में अफगानिस्तान पर आतंकी सगठन के कब्जे के बाद लागू किए फरमान को सही ठहराया। 

पत्रकारों को इस विरोध प्रदर्शन को कवर करने की मिली इजाजत

खामा न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, काबुल में सड़कों पर उतरने से पहले विश्वविद्यालय के व्याख्याताओं और छात्राओं एक सभा की व्यवस्था की थी। काबुल में अन्य प्रदर्शनों के विपरीत, यह दूसरा विरोध प्रदर्शन था। खास बात यह रही क पत्रकारों को इस विरोध प्रदर्शन को कवर करने की अनुमति दी गई थी। इन महिला प्रदर्शनकारियों ने हाल ही में अन्य महिला प्रदर्शनकारियों द्वारा की गई तथाकथित हिंसा की निंदा की और आईईए को अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया।

प्रदर्शनकारियों महिलाओं ने तालिबान के इस फरमान को किया स्वीकार

तालिबान द्वारा सभी विश्वविद्यालयों और संस्थानों में लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग कक्षाओं की योजना का भी स्वागत किया गया है। साथ ही प्रतिज्ञा करते हुए कहा कि वे आईईए को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। बता दें कि इससे पहले सैकड़ों महिलाएं कुंदुज प्रांत में जमा हुई थीं और तालिबान का विरोध प्रदर्शन किया था।

बता दें कि अफगानिस्तान में तालिबान के पिछले शासन में 1996-2001 के बीच महिलाओं पर खूब अत्याचार हुआ था। एक बार फिर से तालिबान के लौटते ही महिलाओं के लिए बुर्का या नकाब पहनने का फिरलागू हो गया है। बीते कुछ दिनों से बड़ी संख्या में महिलाएं तालिबान के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन कर रही हैं।

इससे पहले कुछ दिन पहले तालिबान ने कहा था कि महिलाओं को कैबिनेट में काम करने की जरूरत नहीं है उन्हें सिर्फ बच्चे पैदा करने चाहिए। हालांकि सत्ता हथियाने के समय संगठन ने महिलाओं को उनके अधिकार देने की बात कही थी। सरकार गठन के साथ ही उसके सुर बदल गए।