तालिबानी नेता बरादर का आडियो क्लिप जारी, कहा- मैं पूरी तरह से सुरक्षित, उड़ाई गई मौत की अफवाह

 

तालिबानी नेता बरादर का आडियो क्लिप जारी, कहा- मैं पूरी तरह से सुरक्षित।

तालिबान में सत्ता में शीर्ष पदों के लिए आपसी खींचतान के बीच कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि मुल्‍ला अब्‍दुल गनी बरादर गोली लगने से घायल हो गए हैं। यह कहा जा रहा था कि पद को लेकर तालिबान नेताओं के बीच विवाद गहरा गया है।

काबुल, एजेंसी। तालिबान में सत्ता में शीर्ष पदों के लिए आपसी खींचतान के बीच कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि मुल्‍ला अब्‍दुल गनी बरादर गोली लगने से घायल हो गए हैं। यह कहा जा रहा था कि पद को लेकर तालिबान नेताओं के बीच विवाद गहरा गया है। इसके बाद बरारद का एक आडियो क्लिप सामने आया है। इस क्लिप में कहा गया है कि मेरे गायब रहने के दौरान मीडिया एक्टिविस्‍ट ने प्रोपेगैंडा फैलाया है। बता दें कि अफगानिस्‍तान की नई सरकार में बरादर को डिप्‍टी प्रधानमंत्री नियुक्‍त किया गया है। दरअसल, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि तालिबान गुटों के बीच सत्‍ता को लेकर संघर्ष की वजह से बरादर की मौत हो गई है।

इसके बाद बरादर ने अपना आडियो क्लिप जारी किया है। इस क्लिप में बरादर ने इन बातों को सिरे से खारिज कर दिया है। सामने आए आडियो क्लिप में उन्‍होंने कहा कि मैं यात्रा पर था। मेरे मौजूद नहीं रहने का फायदा उठाकर मीडिया एक्टिविस्ट ने प्रोपेगैंडा फैलाना शुरू कर दिया है। मैं और मेरा हर साथी पूरी तरह से ठीक हैं। खबरों ने हमेशा प्रोपेगैंडा फैलाने का काम किया है। इन अफवाहों को सिरे से खारिज करें, हम सब ठीक हैं। उन्होंने कहा कि जब दुश्मनों को सफलता नहीं मिली तो वे हमसे लड़े और मेरी मौत की खबरें फैला दीं। लेकिन हर दूसरे क्षेत्र की तरह यहां भी उन्हें हार मिली। 

अफगानिस्तान पर तालिबान कब्जे के बाद अफगानिस्‍तान में एक समावेशी सरकार बनाने का अंतरराष्‍ट्रीय दबाव था। हालांकि, वह ऐसा करने में पूरी तरह से विफल रहा है। इसके पीछे की वजह हक्कानी नेटवर्क है। इसको सरकार में जगह दी गई है। हक्कानी नेटवर्क के मुखिया सिराजुद्दीन हक्कानी को अफगानिस्तान का नया गृह मंत्री बनाया गया है। उन्‍होंने कहा कि यहां गौर करने वाली बात यह है कि हक्कानी अमेरिका की खुफिया एजेंसी एफबीआई की वांटेड लिस्ट में शामिल है। इसके अलावा, समावेशी सरकार बनाने के बजाय तालिबान ने सिर्फ पुरुषों वाली सरकार का गठन किया है। 

बता दें कि बरादर अल्पसंख्यक समुदायों को तालिबान सरकार में शामिल करने का इच्‍छुक था। उधर, हक्कानी किसी के साथ सत्ता साझा नहीं करना चाहता था। इसे लेकर दोनों सिराजदुद्दीन और बरादर के बीच झड़प हो गई थी। इस लड़ाई में गोली तक चल गई। इस झड़प में बरादर घायल हो गए। इसके बाद बरादर को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इस घटना के बाद कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा कर दिया गया कि इस झड़प में गोली लगने से मुल्ला बरादर की मौत हो गई है।