बिना लाइसेंस के होटल चलाने के आरोपित को जमानत देने से इन्कार

 

पीड़िता के पिता की शिकायत पर अपहरण, दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया गया था।पीठ ने कहा अगर निजामुद्दीन स्थित होटल में बुकिंग के समय पीड़िता और आरोपित का पहचान पत्र लिया जाता तो दुष्कर्म की घटना को रोका जा सकता था।बगैर वैध लाइसेंस के होटल चलाकर और होटल में ठहरने वाले मेहमानों का रिकार्ड रखे बिना याचिकाकर्ता अपराध में मदद कर रहा है।

नई दिल्ली,  संवाददाता। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने यह कहते हुए होटल मालिक अजय कुमार को अग्रिम जमानत देने से इन्कार कर दिया कि बगैर लाइसेंस के होटल चलाकर उसने आरोपितों की मदद की है। न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर की पीठ ने कहा कि अगर होटल मालिक ने होटल में आने वाले का पहचान पत्र रखा होता तो इस घटना को रोका जा सकता था। होटल में एक नाबालिग लड़की से चार दिनों तक दुष्कर्म होता रहा था।

पीठ ने कहा कि अगर निजामुद्दीन स्थित होटल में बुकिंग के समय पीड़िता और आरोपित का पहचान पत्र लिया जाता तो दुष्कर्म की घटना को रोका जा सकता था। बगैर वैध लाइसेंस के होटल चलाकर और होटल में ठहरने वाले मेहमानों का रिकार्ड रखे बिना याचिकाकर्ता अपराध में मदद कर रहा है। पीड़िता के पिता की शिकायत पर अपहरण, दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि नाबालिग पीड़िता का अपहरण कर निजामुद्दीन इलाके के एक होटल में दुष्कर्म किया गया था।

हत्या आरोपित की जमानत अर्जी खारिज

वहीं, विरोधी गिरोह के एक सदस्य की हत्या के मामले में आरोपित छेनू गैंग के सरगना इरफान उर्फ छेनू को जमानत देने से दिल्ली हाई कोर्ट ने इन्कार कर दिया। इरफान की जमानत अर्जी को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर ने कहा कि उसका पिछला रिकार्ड खतरनाक है। इन मामलों में एक के बाद एक सभी गवाह मुकर रहे हैं और तथ्यों को देखते हुए उसे रिहा करने से अन्य लंबित सभी मामलों पर इसका घातक असर होगा। पीठ ने कहा कि इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है कि इरफान के खिलाफ 25 संगीन मामले दर्ज हैं और अभियोजन पक्ष द्वारा उसे कुख्यात छेनू गिरोह का सरगना होने का दावा किया गया है। पीठ ने पाया कि इरफान के खिलाफ 14 मामले अभी विचाराधीन हैं और उसे रिहा करने से उन मामलों की सुनवाई में बाधा उत्पन्न हो सकती है।