ब्‍लाकचेन तकनीक के साथ बनें स्मार्ट, जानें इस क्षेत्र में हैं करियर के बेहतर मौके

 


 नई दिल्‍ली।
 डाटा सिक्‍युरिटी की बढ़ती जरूरत को देखते हुए इनदिनों ब्‍लाकचेन टेक्‍नोलाजी की काफी चर्चा हो रही है। वित्‍तीय लेनदेन के लिए यह बेहद सुरक्षित और प्रामाणिक तकनीक मानी जा रही है। इस तकनीक का इस्तेमाल आइटी, फिनटेक समेत तमाम क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। प्रोग्रामिंग लैंग्‍वेज, एआइ और मशीन लर्निंग जैसी तकनीकों में कुशलता हासिल करके तेजी से बढ़ते इस क्षेत्र में बेहतर करियर के मौके तलाश सकते हैं...

डाटा को सुरक्षित और लंबे समय तक सहेज कर रखने की कारगर तकनीक है ब्लाकचेन। इसे ब्लाकचेन इसलिए कहा जाता है, क्‍योंकि यह इंफार्मेशन को समूह में एकत्रित करता है। इस ग्रुप को ब्लाक भी कहा जाता है। हर एक ब्लाक की एक सीमित स्टोरेज क्षमता होती है और जब एक ब्लाक भर जाता है, तो वह पहले भरे हुए ब्लाक से जाकर जुड़ जाता है। ऐसे में डाटा की एक चेन बन जाती है।

इसे और आसान तरीके से समझें, तो ब्लाकचेन एक तरह का डेटाबेस है, जो किसी भी प्रकार की इंफार्मेशन का एक कलेक्शन होता है, जो कंप्यूटर सिस्टम पर इलेक्ट्रॉनिक रूप में सेव रहता है। डेटाबेस में इंफार्मेशन और डाटा एक टेबल के रूप में स्टोर रहते हैं ताकि इस इंफार्मेशन की फिल्टरिंग और सर्चिंग आसानी से हो सके। यह एक सुरक्षित तरीका है। यह टेक्नोलाजी सबसे पहले वर्ष 1991 में सामने आई थी। आज बैंकिंग और वित्‍तीय संस्‍थानों से जुड़े फर्म्‍स में इस तकनीक की सबसे अधिक सेवाएं ली जा रही हैं।

तेजी से बढ़ रही संभावनाएं

आज के दौर में ऐसे बहुत से क्षेत्र हैं जिनमें ब्लाकचेन तकनीक काफी उपयोगी साबित हो सकती है और बहुत से महत्‍वपूर्ण सेक्‍टर्स और उनकी सेवाओं को इस तकनीक की मदद से बेहतर बनाया जा सकता है, जैसे कि बैंकिंग। ब्लाकचेन के जरिए बैंक्‍स और दूसरे संस्थानों के बीच पेमेंट एक्सचेंज तेजी से हो सकता है। इसी तरह हेल्थकेयर सेक्टर की बात करें, तो इसमें ब्लाकचेन का इस्‍तेमाल करके मरीजों की मेडिकल रिपोर्ट को सुरक्षित तरीके से स्टोर कर सकते हैं। हेल्थकेयर के अलावा ब्लाकचेन का इस्‍तेमाल सप्लाईचेन को भी और मजबूत बनाने में किया जा सकता है। इसके जरिये सप्लायर्स ब्लाकचेन में अपने खरीदे हुए मैटीरियल का रिकार्ड रख सकते हैं, जिससे उन प्रोडक्ट की वास्‍तविकता को जल्‍दी से वेरिफाई किया जा सकता है।

कुल मिलाकर, ब्लाकचेन के कई फायदे हैं। इस तकनीक से छेड़छाड़ करना आसान नहीं है। काम की शुद्धता में सुधार लाया जा सकता है। थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन हटने से खर्च भी कम हो जाता है। इसके जरिए ट्रांजैक्शन को सिक्योर और प्राइवेट भी रखा जा सकता है। चूंकि अभी कुछ गिने-चुने क्षेत्रों में ही इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। इसलिए ब्लाकचेन के एक्सपर्ट और इसके जानकारों की संख्‍या भी अभी सीमित ही है। फिलहाल, बैंकिंग सेक्टर, रिटेल सेक्टर, हेल्‍थकेयर, इंश्‍योरेंस, मीडिया एंड एंटरटेनमेंट और टेलीकम्‍युनिकेशन में ब्लाकचैन के इस्तेमाल की अपार संभावनाएं हैं। आने वाले समय में इन सभी सेक्टर्स में बड़ी संख्या में नौकरियां आने की उम्मीद हैं।

जॉब्‍स के मौके

भारत पहले से ही आइटी क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है। ऐसे में ब्लाकचेन के पेशेवरों की भारत में आने वाले समय में खासी ज़रूरत पड़ने वाली है। बैंकिंग, मेडिकल, आइटी आदि क्षेत्रों में उपयोग बढ़ने से आने वाले समय में ब्लाकचेन के एक्सपर्ट्स की मांग तेजी से बढ़ेगी। वैसे भी, इन दिनों आनलाइन कामकाज बढ़ने से डाटा की सिक्योरिटी पर काफी जोर दिया जा रहा है, इसलिए भी ब्लाकचेन की मांग बढ़ना तय है। क्‍योंकि इस तकनीक को अपनाने पर डाटा को बदलना या उससे छेड़छाड़ लगभग नामुमकिन है। फिलहाल, इसके जानकारों के लिए अभी सबसे अधिक मौके साफ्टवेयर/आइटी कंपनियों, फाइनेंशियल सर्विसेज एवं इंश्‍योरेंस के क्षेत्र में है। आइबीएम, एक्‍सेंचर तथा काग्निजेंट जैसी कंपनियों में ब्लाकचेन के पेशेवर रखे भी जा रहे हैं।

कोर्स एवं योग्‍यताएं

इस फील्ड में आने के लिए प्रोग्रामिंग नालेज और डाटाबेस की समझ होना अनिवार्य है। सीप्‍लसप्‍लस, एसक्‍यूएल, जावा स्क्रिप्‍ट और पाइथन प्रोग्रामिंग में अच्छी पकड़ रखने वालों के लिए ब्लाकचेन को सीखना ज्‍यादा आसान होगा। फिलहाल, इस तकनीक को सीखने के लिए आप आनलाइन कोर्सेज का सहारा ले सकते हैं। ज्यादातर संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोर्स के तहत ब्लाकचेन को शामिल किया गया है। आइआइटी कानपुर ने ब्लाकचेन पर सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किये हैं। आइआइटी मद्रास ने भी ग्रेट लर्निंग के साथ मिलकर ऐसा ही सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया है। इसके अलावा कोर्सेरा, उडेमी, टेक्निकल गुफ्तगू, ईडीएक्‍स और आइबीएम पर भी इससे संबंधित कोर्स और ट्रेनिंग प्रोग्राम किया जा सकता है। इसी तरह ग्रेटर नोएडा स्थित एनआइईटी भी डीएलटी लैब्‍स के साथ टाइअप करके ब्‍लाकचेन का कोर्स करा रहा है।

आकर्षक पैकेज

इस फील्‍ड के प्रोफेशनल्स को पे-पैकेज भी काफी अच्‍छा मिल रहा है। ब्‍लाकचेन की सेवाएं ले रहे संस्‍थानों में इसके प्रोफेशनल्‍स को फिलहाल 10 लाख से लेकर 35 लाख रुपये सालाना तक की सैलरी आफर हो रही है। जॉब डेटा एनालिटिक्‍स फर्म बर्निंग ग्‍लास टेक्‍नोलाजीज के अनुसार, अमेरिका में ब्‍लाकचेन एक्‍सपर्ट की कमाई सालाना 1.3 लाख डालर से भी अधिक है।

-भूपिंदर राजपूत

-56 फीसद से ज्‍यादा भारतीय बिजनेस कंपनियां अपने कोर बिजनेस में ब्‍लाकचेन तकनीक को शामिल करने पर में ले रही हैं दिलचस्‍पी। (पीडब्‍ल्‍यूसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक)

-35 लाख रुपये सालाना तक सैलरी पा रहे हैं ब्लाकचेन प्रोफेशनल्स।

प्रमुख संस्‍थान

एक्‍सपर्ट व्‍यू

दिनोंदिन बढ़ रही जरूरत

ब्लाकचेन एक उभरती हुई तकनीक है। इसकी जरूरत दिनोंदिन बढ़ रही है। जो संस्थान अपने यहां छात्रों को एआइ, मशीन लर्निंग जैसे कोर्स के साथ ब्लाकचेन में स्किल बना रहे हैं, उन्हें एक्सपोजर के साथ आकर्षक प्लेसमेंट पाने में आसानी होती है। छात्रों को अपने स्तर पर भी खुद को अपडेट रखने का अनवरत प्रयास करना चाहिए, इससे इंडस्ट्री उन्हें हाथोंहाथ ले सकती है।