क्वाड देशों की बैठक में भारत को क्‍या होंगी अमेरिका से उम्‍मीदें, बाइडन के समक्ष मित्र देशों का भरोसा जीतने की होगी चुनौती

 


क्वाड देशों की बैठक में भारत को क्‍या होंगी अमेरिका से उम्‍मीदें। फाइल फोटो।
सवाल यह है कि क्‍या क्वाड देशों की बैठक इस बिंदुओं पर चर्चा होगी। क्‍या अमेरिका अपने सहयोगियों को उनकी सुरक्षा का भरोसा दिला पाएगा। अमेरिका के महाशक्ति होने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आइए जानते हैं इस पर प्रो. हर्ष पंत की राय।

नई दिल्‍ली। अफगानिस्‍तान में अमेरिकी सैनिकों की वापसी और सऊदी अरब से अपनी पैट्रियट मिसाइल सिस्टम को हटाने के बाद नए अंतरराष्‍ट्रीय परिदृष्‍य में क्वाड देशों की बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब अफगानिस्‍तान को लेकर अमेरिका की दुनिया में किरकिरी हुई है। सऊदी से पैट्रियट मिसाइल सिस्टम को हटाने के कई मायने निकाले जा रहे हैं। यहां एक खास बात यह है कि अफगानिस्‍तान में इस अमेरिकी रणनीति से भाारत के समक्ष एक बड़ी चुनौती उत्‍पन्‍न हुई है। चीन को अफगानिस्‍तान में विस्‍तार करने का मौका मिला है। अफगानिस्‍तान में तालिबान, पाकिस्‍तान और चीन के साठगांठ से भारत के समक्ष एक नई चिंता उत्‍पन्‍न हुई है ? सवाल यह है कि क्‍या क्वाड देशों की बैठक में इन बिंदुओं पर चर्चा होगी ? क्‍या अमेरिका अपने सहयोगियों को उनकी सुरक्षा का भरोसा दिला पाएगा ? अमेरिका के महाशक्ति होने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आइए जानते हैं इस पर प्रो. हर्ष पंत की राय।

क्‍या अमेरिकी ह‍ित अब लोकतांत्रिक मूल्‍यों से बड़े हो गए हैं ?

अमेरिका तालिबान के साथ एक लोकतांत्रिक मूल्‍यों के लिए जंग लड़ रहा था। उसने दुनिया को यह द‍िखाने का प्रयास किया कि अफगानिस्‍तान में उसकी पूरी लड़ाई लोकतांत्रिक मूल्‍यों को लेकर है। क्वाड एक लोकतांत्रिक देशों का संगठन है। इसकी स्‍थापना चीन के लोकतांत्रिक विरोधी मूल्‍यों को लेकर हुई। और अब अमेरिका तालिबान के साथ काम करने का इच्‍छुक लग रहा है। इससे भी उसकी विश्‍वनियता पर संकट खड़ा हुआ है। यह बड़ा संकट है। इससे यह बता साबित होती है कि अमेरिका अपने हितों की खातिर कुछ भी छोड़ सकता है। अगर ऐसा हुआ तो क्वाड का क्‍या होगा।

क्‍या है क्वाड

क्वाड भारत, अमेरिका, आस्ट्रेलिया और जापान देशों का एक समूह है। इसका उद्देश्य भारत-प्रशांत क्षेत्र में लोकतांत्रिक देशों के हितों की रक्षा करना और वैश्विक चुनौतियों का समाधान करना है। क्वाड अंतरराष्‍ट्रीय कानूनों पर आधारित ‘स्वतंत्र, मुक्त एवं समृद्ध' भारत-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करने तथा भारत-प्रशांत क्षेत्र और क्षेत्रों में मौजूद चुनौतियों से निपटने के प्रति प्रतिबद्ध है। चतुर्भुज सुरक्षा संवाद अर्थात् क्वाड भारत, अमेरिका, जापान और आस्ट्रेलिया के बीच अनौपचारिक रणनीतिक वार्ता मंच है। क्वाड की अवधारणा औपचारिक रूप से सबसे पहले वर्ष 2007 में जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे द्वारा प्रस्तुत की गई थी, हालांकि, चीन के दबाव में आस्ट्रेलिया के पीछे हटने के कारण इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका।