दिल्ली में अफगान शरणार्थियों ने तालिबान के विरोध में किया प्रदर्शन, पाकिस्तान के खिलाफ लगाए नारे

 

प्रदर्शनाकारियों ने तालिबान के खिलाफ भी जमकर नारे लगाए
 एक प्रदर्शनकारी ने समाचार एजेंसी एएनआइ को बताया कि मेरे रिश्तेदार पंजशीर में रह रहे थे। पाकिस्तान एयरफोर्स ने मेरे रिश्तेदारों मेरे चचेरे भाइयों को मार डाला इसलिए हम यहां पाकिस्तान का विरोध करने आए हैं।

नई दिल्ली, एएनआइ। अफगानिस्तान के शरणार्थियों ने मंगलवार को तालिबान के खिलाफ दिल्ली में जमकर प्रदर्शन किया। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ नारे भी लगाए। प्रदर्शनकारी हांथ में तख्तियां लिए हुए थे जिन पर लिखा था, 'आतंकवाद और पाकिस्तान एक सिक्के के एक ही पहलू हैं' और 'आइएसआइ अफगानिस्तान छोड़ो' इसके साथ ही प्रदर्शनाकारियों ने तालिबान के खिलाफ  भी जमकर नारे लगाए।

एक प्रदर्शनकारी ने समाचार एजेंसी एएनआइ को बताया कि मेरे रिश्तेदार पंजशीर में रह रहे थे। पाकिस्तान एयरफोर्स ने मेरे रिश्तेदारों, मेरे चचेरे भाइयों को मार डाला, इसलिए हम यहां पाकिस्तान का विरोध करने आए हैं।

एक अन्य प्रदर्शनकारी ने बताया कि आइएसआइ हमारे देश में दखल दे रही है। आइएसआइ चीफ तालिबान के कब्जे के दौरान अफगानिस्तान गए थे। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि भारत पाकिस्तानी आतंकवाद के खिलाफ हमारा समर्थन करे। हम तालिबान और आइएसआइ के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने अफगान प्रतिरोध आंदोलन के समर्थन में भी नारे लगाए।वहीं, एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार कुछ दिनों पहले जर्मनी में रहने वाले अफगानों ने भी स्वतंत्रता, मानवाधिकार और नागरिक अधिकारों के साथ-साथ महिलाओं के अधिकारों की रक्षा की मांग करते हुए एक विरोध प्रदर्शन किया था।

इससे पहले 15 अगस्त को जब तालिबान ने राजधानी काबुल पर नियंत्रण हासिल कर लिया था। तालिबान की मदद करने में इस्लामाबाद की भूमिका के खिलाफ दुनिया भर में पाकिस्तान विरोधी विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए थे।

तालिबान के खिलाफ अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रिया समते कई अन्य देशों में जमकर विरोध प्रदर्शन हुए, जिसमें अफगानिस्तान में उनके आक्रामक अग्रिम और बर्बर कृत्यों की निंदा की गई। प्रदर्शनकारियों ने अफगानिस्तान में अपने छद्म युद्ध के लिए पाकिस्तान के खिलाफ प्रतिबंधों की भी मांग की है।

गौरतलब है कि अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद से हजारों की संख्या में वहां के लोग भारत आ गए हैं। अब यहां अफगान शरणार्थी तालिबान और पाकिस्तान के विरोध में जमकर नारेबाजी कर रहे हैं।