केरल में बच्चे के संपर्क में आने वालों में निपाह वायरस की पुष्टि नहीं, बीते हफ्ते हुई थी मौत

 

केरल में निपाह वायरस से जुड़े मामले पर अपडेट।(फोटो: दैनिक जागरण)
 केरल में निपाह वायरस के कारण जान गंवाले 12 वर्षीय बच्चे के करीबी संपर्क में आए लोगों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। बच्चे के करीबी संपर्क के चार लोगों के नमूनों को फिर से जांच के लिए भेजा गया था।

तिरुअनंतपुरम, प्रेट्र। निपाह संक्रमण के कारण बीते हफ्ते मारे गए 12 वर्षीय बच्चे के करीबी संपर्क के नमूनों में इस वायरस की पुष्टि नहीं हुई। निपाह वायरस के स्त्रोत का पता लगाना अभी बाकी है।केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जार्ज ने रविवार को बताया, 'बच्चे के करीबी संपर्क के चार लोगों के नमूनों को फिर से जांच के लिए भेजा गया था। सभी निगेटिव आए हैं। हमारी निगरानी टीमें क्षेत्र पर नजर रख रही हैं और बीमारी प्रभावित क्षेत्र में लोगों के लगातार नमूने लिए जा रहे हैं।'

उन्होंने कहा कि संक्रमण के स्त्रोत का पता लगाना जरूरी है, इसलिए नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वायरोलाजी, पुणे की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में लगातार नमूने इकट्ठा कर रही हैं। मंत्री ने बताया, 'उच्च जोखिम वाले संपर्को को कोझिकोड मेडिकल कालेज हास्पिटल में आइसोलेट किया गया है। उनकी तबीयत स्थिर है।' राज्य सरकार ने मृत बच्चे के घर के तीन किलोमीटर के दायरे में घर-घर जाकर नमूने इकट्ठा किए और उन्हें जांच के लिए भेजा है।

पहली जांच में भी सभी पाए गए थे नेगेटिव

इससे पहले मंगलवार को निपाह वायरस के कारण जान गंवाले 12 वर्षीय बच्चे के करीबी संपर्क में आए लोगों की जांच रिपोर्ट में निपाह वायरस संक्रमण नहीं होने की पुष्टि हुई थी। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जार्ज ने बताया कि बच्चे के करीबी संपर्क में आए आठ लोगों के नमूनों की जांच रिपोर्ट आ गई है जिनमें कोई भी संक्रमित नहीं पाया गया है। बच्चे के माता-पिता और स्वास्थ्यकर्मी, जिनमें लक्षण नजर आ रहे थे, उनके नमूने संक्रमित नहीं पाए गए। बच्चे के करीबी संपर्क में आए लोगों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आना राहत की बात है।रविवार को कोझिकोड के 12 वर्षीय बच्चे की निपाह वायरस के कारण मौत हो गई थी और उसके घर के तीन किलोमीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्र को निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया गया था।