अफगानिस्तान में मदद के लिए इमरान ने की यूएन महासचिव से वार्ता

 

13 को होगी अफगानिस्तान के मानवीय संकट पर जेनेवा में बैठक
यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि अफगानिस्तान में शरणार्थियों का बहुत बड़ा संकट सामने आने वाला है। पाकिस्तान ने अफगान शरणार्थियों के लिए अपनी सीमा को पूरी तरह से बंद कर दिया है।

इस्लामाबाद, एएनआइ। अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा होने के बाद अब पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मदद के लिए तेजी से सक्रिय हो गया है। पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) महासचिव एंतोनियो गुतेरस से वार्ता की। इस वार्ता में इमरान ने अफगानिस्तान की मदद के लिए जबर्दस्त पैरवी की।

यह वार्ता ऐसे समय में हुई है, जब संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि अफगानिस्तान में शरणार्थियों का बहुत बड़ा संकट सामने आने वाला है। पाकिस्तान ने अफगान शरणार्थियों के लिए अपनी सीमा को पूरी तरह से बंद कर दिया है।

पाक प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार वार्ता में प्रधानमंत्री ने यूएन की अफगानिस्तान में भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि अफगानिस्तान को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से और अधिक मदद की आवश्यकता है।

इस दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव की ओर से जानकारी दी गई कि अफगानिस्तान में मानवीय संकट के मामले में 13 सितंबर को एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई जा रही है।

इससे पहले यूएन महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने जानकारी दी थी कि महासचिव गुतेरस मंत्री स्तर की बैठक के लिए अगले सप्ताह जेनेवा जा रहे हैं। बैठक में मानवीय सहायता के लिए फंडिंग पर भी विचार किया जाएगा।

तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहायता और मान्यता के लिए तेजी से सक्रिय हो गया है। सरकार गठन में सहयोग करने के लिए पाक खुफिया एजेंसी आइएसआइस के प्रमुख फैज हमीद भी काबुल पहुंच गए हैं।