बठिंडा में सुखबीर बादल को किसानाें ने दिखाए काले झंडे, गुलाबी सुंडी प्रभावित गांवों का करने गए थे दौरा

 

सुखबीर बादल के गांव सेखू के दौरे से पहले जमा हुए किसानों को रोकने का प्रयास करती पुलिस। (जागरण)

 किसान नेता करतार सिंह ने कहा कि जब सभी राजनीतिक दलों को यह अपील की गई है कि जितनी देर तक तीनों खेती कानून रद नहीं किए जाते तब तक कोई भी नेता गांवों में राजनीति करने के लिए न आए।

जागरण संवाददाता बठिंडा।गुलाबी सुंडी प्रभावित गांवों का दौरा करने गए सुखबीर बादल काे शनिवार को किसान यूनियन ने काले झंडे दिखाकर विरोध किया। सुखबीर बादल ने गांव रुलदू सिंह वाला से गांवों का दौरा शुरु किया और पहले ही गांव में उनको विरोध का सामना करना पड़ा। गांव सेखू पहुंचने पर किसान युनियन सिद्धुपुर के सदस्यों ने उनका जमकर विरोध किया।

jagran

किसान नेता करतार सिंह ने कहा कि जब सभी राजनीतिक दलों को यह अपील की गई है कि जितनी देर तक तीनों खेती कानून रद नहीं किए जाते तब तक कोई भी नेता गांवों में राजनीति करने के लिए न आए। उन्होंने कहा कि भले ही आज का दौरा सीधे तौर पर राजनीतिक नहीं है लेकिन वे गुलाबी सुंडी प्रभावित गांवों का दौरा करने का बहाना बना कर गांवों में घुसना चाहते हैं। इस कारण ही उनको काली झंडियां दिखाई गई हैं।


नेताओं पर राजनीति करने का लगाया आराेप

jagran

गुलाब सिंह ने कहा कि खेती बिलों के कारण किसानों पर आफत बनी हुई है और बाकी बचती कसर गुलाबी सुंडी ने निकाल दी। किसानों की नरमे की पूरी फसल बर्बाद हो गई है और नेताओं को राजनीति करने की बनी है। उन्होंने कहा कि अकाली दल की सरकार के समय सफेद मक्खी के कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो गई थी। लेकिन उस समय भी मुआवजा देने को अकाली सरकार तैयार नहीं थी। किसानों को मुआवजा लेने के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा था। अब उनकी विरोधी सरकार है तो उनको गांवों का दौरा करना याद आ गया। अपनी सरकार के समय क्यों सफेद मक्खी से प्रभावित गांवों में नहीं आए। किसानों ने कहा कि किसी भी राजनीतिक पार्टी को गांवों में नहीं आने दिया जाएगा। जो भी नेता आएगा उनका सख्त विरोध किया जाएगा।