छात्रों के लिए अवार्ड और स्कालरशिप की घोषणा

 

घोषणा करने वालों में प्रो, कुशल सेन, अनुराग शर्मा, एसएन सिंह, डी सुब्बाराव और प्रोफेसर एम चतुर्वेदी शामिल हैं।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान ( आइआइटी) दिल्ली के पांच सेवानिवृत्त प्रोफेसरों ने छात्रों के लिए अवार्ड और स्कालरशिप प्रदान करने की घोषणा की है। इसका सारा खर्च वे खुद उठाएंगे। शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में उन्होंने यह घोषणा की है।

नई दिल्ली,  संवाददाता। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) दिल्ली के पांच सेवानिवृत्त प्रोफेसरों ने छात्रों के लिए अवार्ड और स्कालरशिप प्रदान करने की घोषणा की है। इसका सारा खर्च वे खुद उठाएंगे। शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में उन्होंने यह घोषणा की है। घोषणा करने वालों में प्रो, कुशल सेन, अनुराग शर्मा, एसएन सिंह, डी सुब्बाराव और प्रोफेसर एम चतुर्वेदी शामिल हैं। ये सभी आइआइटी दिल्ली से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

आइआइटी के सेवानिवृत्त प्रोफेसर पहले से ही छात्र पुरस्कारों और अनुसंधान उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के कार्य करते रहे हैं। आइआइटी के निदेशक प्रो. वी रामगोपाल राव का कहना है कि दानदाताओं की ओर से प्रदान की जाने वाली छात्रवृत्ति आइआइटी दिल्ली में स्नातक छात्रों के ट्यूशन खर्च को चुकाने में मदद करती है, जबकि पुरस्कार छात्रों को शिक्षा, अनुसंधान और सह पाठयक्रम गतिविधियों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

इससे पहले प्रो. एसएन माहेश्वरी ने आइआइटी में कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। प्रो. विपुल और महेश चतुर्वेदी की ओर से चतुर्वेदी विशिष्ट फैलोशिप की स्थापना में की गई थी। प्रोफेसर महेश चतुर्वेदी ने 2007 में संस्थान में नीति अध्ययन केंद्र की स्थापना की थी। प्रो कुशाल सेन ने कहा कि हम देखना चाहेंगे कि ज्यादा छात्र आइआइटी में अनुसंधान को करियर के रूप में अपनाएं।

अनूठे विचार से शुरू होती है उद्यमिता की राह

वहीं, एक उद्यमी के तौर पर आपको अपने ग्राहक को अपने उत्पाद के प्रति आकर्षित करना आना चाहिए। उद्यमिता की राह एक अनूठे विचार से शुरू होती है, लेकिन इस दौरान हमें अपने विचार के प्रति ईमानदार होना चाहिए। ये बातें 3 एसआर कंसलटेंसी एलएलपी के संस्थापक मुख्य कार्यकारी अधिकारी(सीईओ) शैलेष गुप्त ने दिल्ली विश्वविद्यालय से संबंधित माता सुंदरी कालेज की ओर से आयोजित एमएससी-प्रेन्योर 21 कार्यक्रम में आनलाइन माध्यम से जुड़ कर कही।

इसमें कुल तीन सत्र आयोजित हुए। कार्यक्रम में सात सफल उद्यमियों ने छात्रों को उद्यमिता का मूल मंत्र देने के साथ अपनी सफलता की कहानी भी साझा की। दैनिक जागरण की मीडिया पार्टनरशिप में हुए इस कार्यक्रम में तीन सौ प्रतिभागियों ने भाग लिया।

प्रथम सत्र में शैलेष गुप्त ने छात्रों को उद्यमिता का गुरु मंत्र देते हुए कहा कि सफल उद्यमी आइक्यू (बुद्धिलब्धि), ईक्यू (भावनात्मक गुणक), एसक्यू (सामाजिक भागफल) के बीच संतुलन बनाए रखता है। रवि राजन एंड कंपनी के संस्थापक एस राजन ने छात्रों से अपनी उद्यमिता की यात्र साझा करते हुए बताया कि शुरुआत में उन्होंने मेडिसिन के क्षेत्र को अपने पेशे के तौर में चुना था, लेकिन बाद में उनका मन बदला और उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) की राह को चुना। वहीं, क्रेडजेनिक्स के सह-संस्थापक और सीईओ रिषभ गोयल ने भविष्य के सभी उद्यमियों को असफलता की संभावना के लिए तैयार रहने की सलाह दी।

शिरोज हेल्पलाइन की प्रमुख शकुन विजय और महिला मनी की सह-संस्थापक सिद्धिका अग्रवाल ने अपने-अपने कार्य क्षेत्रों के अनुभव साझा किए। कम्युनिकेयर एजुकेशन एंड ट्रेनिंग एलएलपी की संस्थापक कविता जार्ज और फ्रैंकफिन ग्रुप के चेयरमैन केएस कोहली ने भी अनुभव व आने वाली चुनौतियों को साझा किया।