क्रूज मिसाइल का परीक्षण कर किम जोंग ने बढ़ाई दुनिया की चिंता, हथियारों की दौड़ तेज होने की आशंका बढ़ी

 

उत्तर कोरिया ने किया परमाणु क्षमता की क्रूज मिसाइल का परीक्षण
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया के इस परीक्षण के बाद क्षेत्र में तेजी से हथियारों की दौड़ बढ़ेगी। अमेरिका के इंडो-पैसिफिक कमांड ने कहा है कि इस मिसाइल परीक्षण की उन्हें जानकारी थी और वे अपने सहयोगियों के साथ समन्वय बनाए हुए हैं।

सियोल, रायटर। अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया है। उत्तर कोरियाई मीडिया के अनुसार यह मिसाइल 1500 किमी. तक सटीक वार कर सकती है। परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम यह देश की पहली मिसाइल होगी। इस मिसाइल को रणनीतिक हथियार बताते हुए काफी अहम माना गया है। इसका परीक्षण शनिवार और रविवार को उत्तर कोरिया ने अपने समुद्री क्षेत्र में किया।

विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया के इस परीक्षण के बाद क्षेत्र में तेजी से हथियारों की दौड़ बढ़ेगी। अमेरिका के इंडो-पैसिफिक कमांड ने कहा है कि इस मिसाइल परीक्षण की उन्हें जानकारी थी और वे अपने सहयोगियों के साथ समन्वय बनाए हुए हैं। 

इस परीक्षण के बाद यह माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया घातक हथियारों को विकसित करने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। उत्तर कोरिया की परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर अमेरिका से चल रही वार्ता पर 2019 विराम लगा हुआ है। उत्तर कोरिया के वर्कर्स पार्टी के अधिकारी ने पार्टी के समाचार पत्र में मिसाइल के फोटो भी जारी किए हैं। 

अमेरिका स्थित कारनेजिक एंडोमेंट फार इंटरनेशनल पीस के अंकित पांडे का कहना है कि बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को लेकर अब तक अंतरराष्ट्रीय समुदाय की विशेष चिंता नहीं रही है, क्योंकि ये संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के तहत प्रतिबंधित नहीं हैं। लेकिन उत्तर कोरिया की यह पहली ऐसी क्रूज मिसाइल है, जो रणनीतिक रूप से अहम है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उत्तर कोरिया ने इसमें महारत हासिल कर ली है या नहीं।