बिहार में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मी नहीं करेंगे दुर्व्यवहार, ट्रैफिक आइजी का फरमान

 

बिहार में वाहन जांच के दौरान पुलिसकर्मी दुर्व्यवहार नहीं कर सकेंगे। सांकेतिक तस्वीर।

हाल के दिनों में पुलिसकर्मियों के द्वारा वाहन चेकिंग के दौरान कई जगह दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। इसको लेकर पुलिस-पब्लिक के बीच झड़प की भी नौबत आ गई है। अब ट्रैफिक आइजी ने फरमान जारी किया है। सभी जिलों के पुलिस पदाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।

राज्य ब्यूरो, पटना : वाहन चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों और ट्रैफिक जवानों के दुर्व्यवहार को लेकर पुलिस मुख्यालय स्तर से सभी जिलों के पुलिस पदाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। राज्य के ट्रैफिक आइजी एमआर नायक ने निर्देश दिया है कि वाहन चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मी संयमित व्यवहार का परिचय दें। 

हाल के दिनों में पुलिसकर्मियों के द्वारा वाहन चेकिंग के दौरान कई जगह दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। इसको लेकर पुलिस-पब्लिक के बीच झड़प की भी नौबत आ गई है। इसकी शिकायत वरीय अधिकारियों तक भी पहुंची है। ऐसे में ट्रैफिक आइजी ने निर्देश में कहा है कि यातायात में तैनात पुलिस पदाधिकारी व पुलिसकर्मी ड्यूटी निभाने और वाहन चेकिंग के दौरान अपने आचरण का विशेष ख्याल रखें। अगर कोई नियमों का उल्लंघन करता है, तो संयमित तरीके से एमवी एक्ट के तहत नियमानुकूल कार्रवाई करें। वाहन चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मी अपने व्यवहार को ठीक रखते हुए चालान काटे या अन्य कार्रवाई करें। इससे आमलोगों के बीच पुलिस की छवि भी बेहतर होगी और आक्रोश का भाव भी नहीं पनपेगा। 

अफसर बताएंगे, कैसा हो व्यवहार

ट्रैफिक आइजी ने सभी जिला एसपी को निर्देश दिया है कि ट्रैफिक ड्यूटी पर जाने वाले पुलिसकर्मियों व पदाधिकारियों को सीनियर पदाधिकारी ब्रीफ करें। उन्हें यह बताया जाए कि ड्यूटी के दौरान आमलोगों से कैसा व्यवहार करना है। इतना ही नहीं, ड्यूटी के बाद भी उनसे बातचीत की जाए। अगर किसी पुलिसकर्मी ने गलत किया है, तो उन्हें समझाया जाए कि उनकी कार्यशैली में कहां लापरवाही रही। 

चालान काटने को लेकर छात्र व यातायात कर्मी आपस में उलझे

जासं, पटना : चालान काटने को लेकर यातायात कर्मी और वाहन चालकों के बीच झड़प की घटनाएं लगातार घट रही हैं। ताजा मामले में कारगिल चौक पर चालान काटने पर छात्रों व यातायात कर्मी आपस में उलझ गए। बाद में मौके पर पुलिस को बुलाया गया। एक छात्र को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हालांकि बाद में छात्र को छोड़ दिया गया। इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है ।