खुद की गलतियों से फंसे राकेश टिकैत और प्रदर्शनकारी, अब दूसरों पर मढ़ रहे दोष

 

खुद बिगाड़ी व्यवस्था, दूसरों पर मढ़ रहे दोष

कृषि कानून विरोधियों ने यूपी गेट पर खुद ही जलनिकासी की व्यवस्था बिगाड़ दी है। इसकी वजह से शनिवार को यहां घुटनों तक जलभराव हो गया। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने पानी में बैठकर विरोध जताया।

गाजियाबाद। कृषि कानून विरोधियों ने यूपी गेट पर खुद ही जलनिकासी की व्यवस्था बिगाड़ दी है। इसकी वजह से शनिवार को यहां घुटनों तक जलभराव हो गया। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने पानी में बैठकर विरोध जताया। नाले की सफाई नहीं होने का आरोप लगाकर दूसरों पर दोष मढ़ा, जबकि हकीकत में इसके दोषी प्रदर्शनकारी खुद हैं।

बंद कर रखी है पाइप

तीनों कृषि कानूनों के विरोध में यूपी गेट पर 28 नवंबर से धरना चल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने यहां टेंट लगाकर राष्ट्रीय राजमार्ग-नौ, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे, संपर्क मार्ग और फ्लाईओवर के नीचे कब्जा किया है। टेंटों के नीचे ईंट-सीमेंट से चिनाई करा दी है। जगह-जगह टायलेट लगाकर उसे हाईवे की जलनिकासी की लाइन से जोड़ दिया है। इसकी वजह से सकी वजह से हाईवे की जलनिकासी की व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है।

बारिश का पानी नहीं निकल पा रहा है। पानी हाईवे पर ही भर रहा है। शुक्रवार रात और शनिवार को दिन में हुई बारिश में यहां घुटनों तक पानी भर गया। टेंटों में रखे बिस्तर, राशन आदि भीग गए। यह सबकुछ प्रदर्शनकारियों की स्वयं की गलती से हुआ। प्रदर्शनकारी अगर हाईवे की जलनिकासी की व्यवस्था नहीं बिगाड़ते तो पानी बह जाता। जलभराव की स्थिति नहीं बनती।

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राकेश टिकैट ने जताया विरोध

शनिवार को धरना स्थल पर घुटनों तक पानी भर गया तो राकेश टिकैत कुछ प्रदर्शनकारियों के साथ बैरिकेड के पास पहुंचे। यहां पानी में बैठकर विरोध जताया। कहा कि दिल्ली की तरफ जाने वाली नाले की सफाई की मांग की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस कारण जलभराव हुआ। उनकी वह फोटो इंटरनेट मीडिया पर जमकर वायरल हुई। चंदन नामक व्यक्ति ने उनकी फोटो वायरल करते हुए लिखा कि '' टिकैत साहब जलमग्न हो गए ''। इस तरह अन्य लोगों ने भी तंज कसते हुए टिप्पणियां की हैं।