फिजियो के पाजिटिव आने के बाद रोहित और विराट नहीं चाहते थे मैच, डर गए थे टीम इंडिया के खिलाड़ी

 

भारतीय टेस्ट टीम के खिलाड़ी (एपी फोटो)
ईसीबी चाहता था कि भारत के हटने पर सीरीज को 2-2 से बराबर घोषित किया जाए लेकिन बीसीसीआइ ने ईसीबी को वादा किया कि जब वह अगले साल जुलाई में तीन वनडे और तीन टी-20 मैचों की सीरीज खेलने आएंगे तो एक टेस्ट मैच भी खेल सकते हैं।

नई दिल्ली। टीम इंडिया के कैंप में कोरोना के प्रवेश के कारण भारत और इंग्लैंड के बीच पांचवां और अंतिम टेस्ट मैच शुक्रवार को रद कर दिया गया। ला‌र्ड्स टेस्ट के दौरान मुख्य कोच रवि शास्त्री और गेंदबाजी कोच भरत अरुण के बाद गुरुवार को सहायक फिजियो योगेश परमार के कोरोना पाजिटिव पाए जाने के बाद भारतीय टीम के खिलाड़ी काफी डर गए थे और खेलने को तैयार नहीं थे।

बीसीसीआइ अध्यक्ष सौरव गांगुली, उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, सचिव जय शाह, कोषाध्यक्ष अरुण धूमल और भारतीय कप्तान विराट कोहली, उपकप्तान अजिंक्य रहाणे व रोहित शर्मा के बीच जूम मीटिंग में लंबी चर्चा हुई। विराट, रोहित और रहाणे ने बीसीसीआइ से साफ कहा कि खिलाड़ी मनोविज्ञानिक तौर पर खेलने के लिए तैयार नहीं हैं। सभी डरे हुए हैं क्योंकि अधिकतर खिलाड़ियों की पत्नियां और बच्चे उनके साथ हैं। ऐसे में वे और रिस्क नहीं ले सकते। शास्त्री के पाजिटिव पाए जाने पर स्थिति अलग थी लेकिन फिजियो परमार तो सभी खिलाडि़यों से सीधे संपर्क में रहे हैं। इसके बाद बीसीसीआइ ने इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के अधिकारियों से बात की। उनकी तरफ से कहा गया कि आपके पास काफी बेंच स्ट्रेंथ है।

आइसीसी के नियमों के अनुसार आप ऐसी परिस्थिति में बेंच स्ट्रेंथ का इस्तेमाल कर सकते हैं। उनकी तरफ से यह भी कहा गया कि आप यह मैच गंवा रहे हैं और अगर मैच नहीं हुआ तो हमें करीब 200 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। ईसीबी चाहता था कि भारत के हटने पर सीरीज को 2-2 से बराबर घोषित किया जाए लेकिन बीसीसीआइ ने ईसीबी को वादा किया कि जब वह अगले साल जुलाई में तीन वनडे और तीन टी-20 मैचों की सीरीज खेलने आएंगे तो एक टेस्ट मैच भी खेल सकते हैं। इसकी तिथि पर आगे चर्चा होगी। इस बात पर ईसीबी के तेवर नर्म पड़े और उसने इस मैच को रद पर सहमति जताई। इसके बाद सीरीज में भारत 2-1 की बढ़त पर है। अगले साल जब बचा हुआ टेस्ट आयोजित होगा तो सीरीज के विजेता का फैसला होगा।