पाकिस्तान से प्रेम करने वालों नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग, डोगरा फ्रंट शिव सेना ने किया प्रदर्शन

 

डोगरा फ्रंट के कार्यकर्ताओं ने अलगाववादी नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
डोगरा फ्रंट के कार्यकर्ताओं ने अलगाववादी नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं मांग की कि घाटी में पाकिस्तानी के हिमायती लोगों की सूची बनाई जाए और उनको पाकिस्तान भेज दिया जाए। जिन लोगों को पाकिस्तान प्यारा है उनको तो पाकिस्तान ही भेजा जाना चाहिए।

जम्मू,  संवाददाता । घाटी आधारित कश्मीरी, अलगाववादी नेताओं के खिलाफ डोगरा फ्रंट शिव सेना ने सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। इन कार्यकर्ताओं ने कहा कि अलगाववादी नेता अली शाह गिलानी के शव को पाकिस्तानी झंडे में लपेटने के मामले पर कश्मीरी नेता ने खामोशी साध रखी है।

यह वही नेता हैं जोकि भारतीय संविधान के तहत शपथ लेकर सांसद व विधायक बनते रहे हैं मगर उनकी खामोशी सारी असलियत को बयान कर रही है। इन सभी नेताओं को अब तिहाड़ जेल भेजने का समय आ गया है। क्योंकि असल में यही लोग देशद्रोही हैं। डोगरा फ्रंट के कार्यकर्ताओं ने अलगाववाद का पुतला भी जलाया। वहीं कहा कि जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान की हिमायत करने वालों को अब सीधा जेल का रास्ता दिखाया जाना चाहिए। देश में रहकर देश के खिलाफ जहर उगलने वालों को कभी भी सहन नही किया जा सकता।

डोगरा फ्रंट के कार्यकर्ताओं ने अलगाववादी नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं मांग की कि घाटी में पाकिस्तानी के हिमायती लोगों की सूची बनाई जाए और उनको पाकिस्तान भेज दिया जाए। जिन लोगों को पाकिस्तान प्यारा है, उनको तो पाकिस्तान ही भेजा जाना चाहिए। वहीं अलगाववादी नेताओं की सारी सुख सुविधाएं बंद की जानी चाहिए।

मौके पर अशोक गुप्ता ने कहा कि जम्मू कश्मीर में अब अलगाववादियों का सिक्का नही चलेगा। पाकिस्तान इन अलगाववादियों को समर्थन देता है और पाकिस्तान आतंकवादी इन अलगाववादियों के सहयोग से जम्मू कश्मीर में फलते हैं। इन अलगाववादियों पर अब कड़ी से कड़ी नजर रखने की जरूरत है। जिस जिस अलगाववादी का जोड़ पाकिस्तानी आतंकवाद के साथ पाया जाता है, उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। अशोक गुप्ता ने कहा कि घाटी आधारित नेता संविधान में रहकर शपथ लेकर सांसद बनते रहे हैं, लेकिन किसी भी नेता ने गिलानी के शव को पाकिस्तानी झंडे में लपेटने के मामले पर अपनी प्रतिक्रिया नही दी। देश विरोधी इस घटना पर आखिर इन नेताओं को कुछ बोलना तो बनता था।