सात साल से था लापता, दिल्ली पुलिस ने रोहिणी के वर्कशॉप से ढूंढ निकाला, जानिए लापता होने के पीछे की पूरी कहानी

 

लंबित मामले की जांच करते हुए अपराध शाखा ने जब इम्तियाज को दिल्ली से ढूंढ निकाला।
दिल्ली में समयपुर बादली में परिवार के साथ रहता है। आठ साल पहले उसने तीन लोगों से 35000 रुपये उधार लिए थे लेकिन वह उन्हें वापस नहीं कर पा रहा था। कर्ज से छुटकारा पाने के लिए उसने स्वजन के साथ साजिश रच दिल्ली छोड़कर हैदराबाद जाकर रहने लगा था।

नई दिल्ली,  संवाददाता। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने करीब सात साल से लापता मोहम्मद इम्तियाज को रोहिणी स्थित एक कार वर्कशॉप से ढूंढ लिया। इम्तियाज वहां गोपनीय तरीके से छिपकर नौकरी कर रहा था और स्वजन के संपर्क में था। कर्ज से बचने के लिए उसने अपना मोबाइल बंदकर गायब होने का नाटक किया था। वह हैदराबाद चला गया था। स्वजन ने समयपुर बादली थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। लंबित मामले की जांच करते हुए अपराध शाखा ने जब इम्तियाज को दिल्ली से ढूंढ निकाला तब पूछताछ में हैरान करने वाली जानकारी मिली।

डीसीपी अपराध शाखा मोनिका भारद्वाज के मुताबिक इम्तियाज मूलरूप से गया, बिहार का रहने वाला है। दिल्ली में वह समयपुर बादली में परिवार के साथ रहता है। आठ साल पहले उसने तीन लोगों से 35,000 रुपये उधार लिए थे लेकिन वह उन्हें वापस नहीं कर पा रहा था। कर्ज से छुटकारा पाने के लिए उसने स्वजन के साथ साजिश रच दिल्ली छोड़कर हैदराबाद जाकर रहने लगा था। पहचाने जाने के डर से वह हैदराबाद में भी लंबे समय तक एक जगह पर नहीं रहा और किसी से संपर्क भी नहीं किया।

इम्तियाज पांच महीना पहले ही दिल्ली लौटा था और रोहिणी में एक वर्कशॉप में काम करने लगा था। एसीपी सुरेंद्र कुमार गुलिया व इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार की टीम ने 10 सितंबर को उसे ढूंढकर स्थानीय पुलिस को सौंप दिया। वहां से कानूनी प्रक्रिया से निपटने के बाद उसे स्वजन के हवाले कर दिया गया।

उधर चोरी की कई वारदात को अंजाम देने के आरोप में दिल्ली के संगम विहार निवासी दलीप को क्राइम ब्रांच की सेक्टर-17 टीम ने रविवार शाम इफको चौक के नजदीक से गिरफ्तार किया है। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पूछताछ में बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर दिल्ली के साथ ही गुरुग्राम में चोरी की 20 से अधिक वारदात को अंजाम दे चुका है। उसे पहले भी एक बार गिरफ्तार किया गया था। जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद से फरार था।

सहायक पुलिस आयुक्त (क्राइम) प्रीतपाल का कहना है कि पिछले वर्ष पांच मई को सूर्या विहार निवासी राजेश कुमार अपने घर में चोरी किए जाने की शिकायत दी थी। मामले में जांच के दौरान एक आरोपित को गिरफ्तार किया गया था। उसी ने पूछताछ में बताया था कि उसने दलीप सहित कई अन्य के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। तभी से दलीप की तलाश की जा रही थी।