बीएसएफ ने अवैध घुसपैठ कराते कुख्यात महिला दलाल समेत चार बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा

 

महिला दलाल से कई अहम जानकारी मिलने की संभावना, चारों को बसीरहाट थाने के हवाले किए।
बड़ी सफलता-लंबे समय से बांग्लादेशी नागरिकों को सीमा आर-पार कराने के काम में सक्रिय थी महिला दलाल। मोटी रकम लेकर बच्ची व उसके माता-पिता को भारत में घुसपैठ कराते वक्त बीएसएफ के हत्थे चढ़ी। गिरफ्तार महिला दलाल व बांग्लादेशी परिवार। स्त्रोत बीएसएफ

 राज्य ब्यूरो, कोलकाता : दक्षिण बंगाल फ्रंटियर अंतर्गत सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 153वीं बटालियन के सतर्क जवानों ने उत्तर 24 परगना जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास से एक कुख्यात महिला दलाल समेत चार बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध तरीके से सीमा पार करते गिरफ्तार किया है। इनमें एक बच्ची भी है। महिला दलाल मोटी रकम लेकर बच्ची व उसके माता-पिता को अवैध तरिके से भारत में घुसपैठ करा रही थी। तभी सीमा चौकी घोजाडंगा में तैनात सतर्क जवानों ने चारों को पकड़ लिया।

गिरफ्तारी बड़ी सफलता मानी जा रही

अधिकारियों ने बताया कि यह घटना सोमवार की है, जब दलाल की मदद से बांग्लादेशी परिवार भारत में आने की कोशिश कर रहा था। महिला दलाल भी बांग्लादेश की रहने वाली है। उसका नाम चंपा गाजी (25) है। वह बांग्लादेश के यशोर जिले की रहने वाली है। उसकी गिरफ्तारी बड़ी सफलता मानी जा रही है।

सीमापार के लिए 7500 बांग्लादेशी टका

बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि वह लंबे समय से बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध तरीके से सीमा आर- पार कराने के काम में सक्रिय थी। मोटी रकम लेकर वह यह काम कराती थी। पूछताछ में पता चला कि पकड़े गए तीनों लोगों से सीमा पार कराने के एवज में उन्होंने 7500 बांग्लादेशी टका ली थी।

दम्‍पति के साथ चार साल की बेटी भी

बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि आगे की जांच में महिला दलाल से और भी कई अहम जानकारी मिलने की संभावना है। वहीं, पकड़े गए बांग्लादेशी दंपती का नाम मोहम्मद कासिम (27) व शरमीन खातून (20) है। इनके साथ इनकी चार साल की बेटी भी है। बीएसएफ ने आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए महिला दलाल समेत चारों बांग्लादेशी नागरिकों को बसीरहाट थाने के हवाले कर दिया है।

बीएसएफ की सतर्कता से हौसले पस्त : कमांडेंट

इधर, इस सफलता पर 153वीं बटालियन के कमांडेंट जवाहर सिंह नेगी ने खुशी व्यक्त करते हुए अपने जवानों की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि यह उनके जवानों द्वारा ड्यूटी पर दिखाई गई सतर्कता के कारण ही यह संभव हो सका है। उन्होंने आगे कहा कि उनके जवान सीमा पर घुसपैठ और तस्करी जैसे अपराधों को रोकने के लिए 'शून्य तस्करी' के संकल्प को पूरा करने के लिए पूरी तरह से दृढ़ और प्रतिबद्ध हैं। इसी का परिणाम है कि दलालों, घुसपैठियों व तस्करों के हौसले पस्त हैं और दुस्साहस करने वाले इनमें से कुछ लोग लगातार पकड़े जा रहे हैं। पकड़े जाने पर कानून के मुताबिक उन्हें सजाएं भी हो रही है।उन्होंने कहा कि उनके बटालियन क्षेत्र से आगे भी घुसपैठ व तस्करी की एक भी घटना को सफल नहीं होने दिया जाएगा।