मद्रास हाईकोर्ट का निर्देश, मेडिकल छात्रों से आठ घंटे से ज्यादा न लिया जाए काम

 


यह निर्देश डाक्टर्स एसोसिएशन फार सोशल इक्वैलिटी के महासचिव डा. जीआर रवींद्रनाथ की याचिका का निस्तारण करते हुए दिया गया
Publish Date:Sun, 05 Sep 2021 08:45 AM (IST)Author: Neel Rajput

सरकार की ओर से अदालत में पेश अधिवक्ता पी मुथुकुमार ने कहा यह सही है कि कोरोना काल में डाक्टरों से आठ घंटे से ज्यादा सेवाएं ली गईं लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता है। सामान्य स्थितियों में आठ घंटे की समय सीमा का ध्यान रखा जाता है।

चेन्नई, प्रेट्र। मद्रास हाईकोर्ट ने मेडिकल कालेज प्रशासन को पोस्ट ग्रेजुएट और इंटर्नशिप कर रहे छात्रों से आठ घंटे से ज्यादा ड्यूटी न कराए जाने का निर्देश दिया है। इन छात्रों की मेडिकल कालेज अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए ड्यूटी लगाई जाती है। मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी और जस्टिस पीडी आदिकेसदावालू ने यह निर्देश डाक्टर्स एसोसिएशन फार सोशल इक्वैलिटी के महासचिव डा. जीआर रवींद्रनाथ की जनहित याचिका का निस्तारण करते हुए दिया।

सरकारी वकील के जवाब से संतुष्ट पीठ ने कहा, आपात स्थितियों में अधिसूचना का उल्लंघन हो सकता है लेकिन ऐसा आमतौर पर नहीं होना चाहिए। पीठ ने कहा, जिन अस्पतालों में स्टाफ की कमी के चलते ऐसा हो रहा है, उस पर ध्यान दिया जाना चाहिए। अधिसूचना के अनुसार कार्य हो रहा है या नहीं, इसकी समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए।