अरावली की गोद में बसे महालक्ष्मी डेरा में तोड़फोड़ शुरू

 

Aravali, Faridabad House Demolition: अरावली की गोद में बसे महालक्ष्मी डेरा में तोड़फोड़ शुरू
अरावली की गोद में अवैध रूप से बसे हुए गुरुकुल के महालक्ष्मी डेरा में शनिवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे तोड़फोड़ शुरू हो गई। यहां नगर निगम की करीब आठ एकड़ जमीन पर 200 से अधिक अवैध निर्माण हैं। ये निर्माण एक दशक से हो रहे हैं।

नई दिल्ली/फरीदाबाद। अरावली की गोद में अवैध रूप से बसे हुए गुरुकुल के महालक्ष्मी डेरा में शनिवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे तोड़फोड़ शुरू हो गई। यहां नगर निगम की करीब आठ एकड़ जमीन पर 200 से अधिक अवैध निर्माण हैं। ये निर्माण एक दशक से हो रहे हैं, लेकिन इससे पहले कभी कार्रवाई नहीं की गई। अब सुप्रीम कोर्ट ने अरावली वन क्षेत्र में सभी अवैध निर्माण ढहाने के आदेश दिए हैं, इसलिए नगर निगम अधिकारी भी कार्रवाई शुरू कर रहे हैं। यहां कार्रवाई तो कई दिन पहले होनी थी, लेकिन बारिश की वजह से शनिवार को निर्माण ढहाए गए।

फरीदाबाद नगर निगम इससे पहले यहां मुनादी करा चुका है और अवैध निर्माणाें पर नोटिस भी चस्पा किए जा चुके हैं। यहां लोगों ने पहले ही अपने मकानों से सामान बाहर निकाल लिया था। मौके पर यहां रहने वाले लोग भी थे। भारी पुलिसबल की वजह से वे विरोध नहीं कर सके। मौके पर चार अर्थमूवर व एक पौकलैंड मशीन थी।

फरीदाबाद नगर निगम के कई एसडीओ, जेई व अन्य स्टाफ मौके पर मौजूद था। पुलिस की ओर से क्राइम ब्रांच से भी स्टाफ की यहां ड्यूटी लगाई गई थी। यहां कार्रवाई के बाद बड़खल क्षेत्र की जमाई कालोनी में तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की जाएगी। 

शुक्रवार को जमाई कालोनी के कुछ लोग निगमायुक्त यशपाल यादव से मिले थे। इन लोगों ने कार्रवाई न किए जाने की मांग की थी। साथ ही हाई कोर्ट में चल रहे मामले का भी हवाला दिया था। नगर निगम ने वैसे तो पहले से ही जमाई कालोनी और महालक्ष्मी डेरा में कार्रवाई की तैयारी कर ली थी, लेकिन बारिश के चलते कार्रवाई प्रभावित रही। बता दें खोरी में हुई कार्रवाई के बाद अरावली में वन क्षेत्र में अन्य अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की मांग हो रही थी।

सुप्रीम कोर्ट ने भी खोरी के साथ-साथ अन्य अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के आदेश दिए थे। वन क्षेत्र में ही नगर निगम 9 अवैध फार्म हाउस सहित अन्य निर्माणों को गिरा चुका है। यहां अवैध निर्माणों को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई छह सितंबर को होगी। इसमें अवैध फार्म हाउस, बैंक्वेट हाल सहित अन्य निर्माणों का भविष्य तय किया जाएगा। नगर निगम कें एसडीओ जीतराम ने बताया कि शाम तक महालक्ष्मी डेरा में सभी अवैध निर्माणों का सफाया कर दिया जाएगा।