मुंबई के साकीनाका इलाके में दरिंदगी का शिकार हुई महिला की मौत, क्रूरता की सारी हदें हो गई थीं पार

 

मुंबई के साकीनाका में दुष्‍कर्म का शिकार हुइ 30 वर्षीय पीड़िता की मौत हो गई

 साकीनाका इलाके (Sakinaka area) में शुक्रवार को दरिंदगी का शिकार हुई 30 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान अस्‍पताल में मौत हो गई। महिला को बेहद गंभीर हालत में अस्‍पताल में भर्ती करवाया गया था।

मुंबई, एजेंसिया। मुंबई के साकीनाका इलाके में शुक्रवार 9 सितंबर को एक शर्मसार करने वाली वारदात सामने आयी थी। यहां एक 30 वर्षीय महिला से दुष्‍कर्म के बाद उसकी बुरी तरह से पिटाई की गई थी। गंभीर हालत में इसे अस्‍पताल में भर्ती करवाया गया था जहां उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बता दें कि ये घटना साकीनाका इलाके की है महिला के साथ की गई हैवानियत किसी के भी रोंगटे खड़े कर सकती है। इस महिला की प्राइवेट पार्ट में लोहे की छड़ से चोट पहुंचायी गई थी। इसके बाद महिला को गंभीर हालत में अस्‍पताल में भर्ती करवाया गया था जहां आज उसकी मौत हो गई है।

ये घटना उपनगरीय साकीनाका में सड़क किनारे खड़े एक टेंपों की है। शुक्रवार को इस महिला से पहले दुष्‍कर्म किया गया उसके बाद बेरहमी से उसकी पिटाई की गई। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने कुछ घंटों के अंदर ही आरोपित मोहन चौहान (45) को गिरफ्तार कर लिया। दरअसल शु्क्रवार सुबह पुलिस नियंत्रण कक्ष में एक फोन आया था कि खैरानी रोड पर एक व्यक्ति एक महिला की पिटाई कर रहा है। महिला की हालत बेहद खराब है और वो खून से पूरी तरह लथपथ है। पुलिस ने वहां पहुंचकर सबसे पहले महिला को इलाज के लिए नागरिक संचालित राजावाड़ी अस्पताल पहुंचाया। शुरुआती जांच में ही पता चल गया कि महिला के साथ दुष्‍कर्म किया गया है और उसके प्राइवेट पार्टस को क्षति पहुंचायी गई है। घटनास्‍थल और टेंपों के अंदर भी पुलिस का जगह-जगह खून के धब्‍बे मिले। आरोपित को आइपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) और 376 (दुष्कर्म) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया, मामले की जांच अभी जारी है।गौरतलब है कि दिसंबर 2012 में हुए निर्भया कांड ने हर किसी के दिल को दहला दिया था। दिल्‍ली में एक निजी बस में एक युवती से दुष्‍कर्म करने के बाद उसकी बेरहमी से पिटाई कर उसको मरणासन्‍न कर दिया गया था। कई दिनों तक मौत और जिंदगी के बीच जूझती इस युवती की आखिरकार मौत हो गई थी। इस घटना से देश में पूरी तरह से आक्रोश फैल गया था।