FacebooktwitterwpkooEmailaffiliates लैंड पूलिंग पालिसी को रफ्तार देने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण ने प्रस्तावित जोन में शुरू की तैयारी, जानिए अन्य डिटेल


पांच में से चौथे जोन में भी मोबिलिटी प्लान पर काम शुरू करने के लिए डीडीए ने निकाला टेंडर।
सालों से किसी न किसी अड़चन का शिकार हो रही लैंड पूलिंग पालिसी को रफ्तार देने के लिए अब दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने प्रस्तावित जोन में बुनियादी सुविधाओं का नेटवर्क तैयार करना शुरू कर दिया है।

नई दिल्ली । सालों से किसी न किसी अड़चन का शिकार हो रही लैंड पूलिंग पालिसी को रफ्तार देने के लिए अब दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने प्रस्तावित जोन में बुनियादी सुविधाओं का नेटवर्क तैयार करना शुरू कर दिया है। एक ओर जहां मोबिलिटी प्लान पर काम किया जा रहा है और टेंडर भी निकाल दिया गया है वहीं दूसरी ओर पेयजल, सीवर एवं साफ सफाई का ढांचा तैयार करने के लिए केंद्र सरकार की एक एजेंसी को जिम्मेदारी सौंप दी गई है।

गौरतलब है कि 11 अक्टूबर 2018 को अधिसूचित और पांच जोन एन, पी टू, के वन, एल और जे में बांटी गई इस पालिसी को करीब एक सौ सेक्टरों में बांटा गया है। यह जोन 20 से 22 हजार हेक्टेयर जमीन पर विकसित होंगे। इस पालिसी के तहत जमीन के मालिक अपनी जमीन के पूल बना सकते हैं और उसे मास्टर प्लान के तहत विकसित कर सकते हैं। पालिसी में 95 शहरीकृत गांवों को शामिल किया गया है, जहां 17 लाख आवास बनाए जाने हैं। इसी के मद्देनजर एन, पी टू, के वन जोन के लिए मोबिलिटी प्लान पर काम शुरू हो चुका है, जबकि एल जोन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मोबिलिटी प्लान के तहत क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट, व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आवागमन और रिहायशी क्षेत्रों को जोड़ने के लिए ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि सड़कों पर यातायात का दबाव न बनें और प्रदूषण भी नियंत्रण में रह सके।

नए सेक्टरों में भी डीडीए सक्रिय:पालिसी के तहत अब डीडीए ढांसा बार्डर पर बनने वाले नए सेक्टरों में भी मोबिलिटी को लेकर सक्रिय हो गया है। डीडीए ने एल जोन में मोबिलिटी प्लान बनाने के लिए सलाहकार नियुक्त करने की प्रक्रिया के तहत निविदाएं आमंत्रित की हैं। सलाहकार ट्रांसपोर्ट नेटवर्क और ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम लेकर डीपीआर तैयार करेगा। अगले 30 साल तक इन इलाकों में बढ़ने वाले ट्रैफिक को ध्यान में रखकर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भी तैयार की जाएगी। सलाहकार इस बात का भी ध्यान रखेंगे कि पूरी तरह विकसित होने के बाद इन इलाकों में लोगों की ट्रांसपोर्ट जरुरतें क्या होंगी।

सबसे बड़ा है एल जोन

डीडीए का कहना है कि एल जोन सबसे बड़ा है, जिसका क्षेत्र 22,874 हेक्टेयर है और इसमें सबसे ज्यादा 30 शहरीकृत गांव हैं। इसलिए इस क्षेत्र में विकास की भी सबसे ज्यादा संभावनाएं हैं। आने वाले समय में यहां आवासीय ही नहीं, व्यावसायिक केंद्र भी बनेंगे। ऐसे में यहां भविष्य को ध्यान में रखते हुए भी मोबिलिटी प्लान तैयार किए जाने की जरुरत है।डीडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मोबिलिटी प्लान तैयार हो जाने से यातायात और परिवहन की सुविधाओं का खाका तैयार हो सकेगा। इसी तरह पेयजल आपूर्ति, सीवर और साफ-सफाई का नेटवर्क बन जाने से भविष्य की बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्या नहीं आएगी।