फर्जी शरणार्थी बनाकर आया था न्यूजीलैंड में मारा गया IS आतंकी, जालसाजी से बना था शरणार्थी

 

श्रीलंका से आया एक तमिल मुस्लिम था समसुद्दीन
समसुदीन पर पुलिस और सुरक्षा बलों की नजर तब पड़ी जब उसने इंटरनेट मीडिया में फेसबुक पर आत्मघाती आतंकी हमले के प्रति अपनी हमदर्दी जताई थी। बाद में पता चला कि उसने साजिश रचकर शरणार्थी का दर्जा हासिल किया था

वेलिंगस्टन, रायटर। सीरिया, म्यांमार और अफगानिस्तान जैसे देशों की मौजूदा शरणार्थी समस्या का एक विकृत रूप न्यूजीलैंड में आइएस आतंकी के छूरेबाजी के हमले की पीछे की कहानी में देखने को मिला है। आकलैंड में पिछले हफ्ते छह लोगों को छूरा मारकर बुरी तरह जख्मी कर मारा गया आइएस आतंकी अहमद आतिल मुहम्मद समसुदीन (32) दरअसल श्रीलंका से आया एक तमिल मुसलमान था।

आइएस आतंकी अहमद आतिल मुहम्मद समसुदीन दस साल पहले स्टूडेंस वीजा पर शरणार्थी के रूप में न्यूजीलैंड आया था। उसे न्यूजीलैंड ने शरणार्थी का दर्जा वर्ष 2013 में दिया था। समसुदीन पर पुलिस और सुरक्षा बलों की नजर तब पड़ी जब उसने इंटरनेट मीडिया में फेसबुक पर आत्मघाती आतंकी हमले के प्रति अपनी हमदर्दी जताई थी। बाद में पता चला कि उसने साजिश रचकर शरणार्थी का दर्जा हासिल किया था। उसे जानबूझकर न्यूजीलैंड आतंकवाद फैलाने के लिए भेजा गया था।

सरकार ने बयान में बताया है कि उसके शरणार्थी दर्जे को खत्म करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस साजिश के लिए उसे दोषी पाया गया और तीन साल की जेल हुई और वह जुलाई में ही बाहर आया है।न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अरर्डेन ने कहा कि उन्होंने जुलाई में खुद ही अधिकारियों से बात की थी। साथ ही कहा था कि कानून के दायरे में क्या ऐसे व्यक्ति को कोई छूट मिल सकती है जो जालसाजी करके शरणार्थी दर्जा हासिल किया हो और हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन गया है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया बेहद कुंठा देने वाली है।