चंडीगढ़ के सरकारी स्कूल का हाल; न प्रिंसिपल न टीचर, 11वीं कक्षा में 360 स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए 3 शिक्षक

 

हालात यह हैं कि स्कूल में हिंदी विषय का टीचर भी नहीं है।
चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों का हाल यह है कि वहां शिक्षक ही नहीं है। गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल मलोया में 11वीं कक्षा में 360 स्टूडेंट्स ने एडमिशन लिया है। लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए शिक्षक ही नहीं हैं।

 चंडीगढ़। स्मार्ट सिटी चंडीगढ़ बेहतर शिक्षा देने का दावा करता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। शहर के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल मलोया में 11वीं कक्षा में 360 स्टूडेंट्स ने एडमिशन लिया है। स्कूल में आर्ट्स और कामर्स संकाय में पढ़ाई शुरू की गई है, लेकिन दोनों ही संकाय में शिक्षक ही नहीं है। 90 स्टूडेंट्स ने कामर्स में एडमिशन लिया है। 

कामर्स के चार विषय बिजनेस स्टडी, अकाउंटेंसी, इक्नोमिक्स और मैथ को पढ़ाने के लिए मात्र दो ही टीचर हैं। उनमें से एक बिजनेस स्टडी और अकाउंटेंसी का अध्यपक प्रदीप कुमार है। जबकि इक्नोमिक्स और मैथ टीचर नहीं है। हिंदी स्कूल में हिंदी टीचर भी नहीं है। इंग्लिश विषय जो कामर्स और आर्ट्स संकाय के स्टूडेंट्स पढ़ते हैं उसके लिए मात्र एक ही प्रवक्ता अल्पना स्कूल में मौजूद है।  

यह विषय बने स्टूडेंट्स के लिए सिरदर्द

कामर्स संकाय में मैथ और इक्नोमिक्स अनिवार्य विषय है। लेकिन इन सबजेक्ट्स के टीचर नहीं होने के कारण कामर्स स्टूडेंट्स के लिए परेशानी हो गई है। इसी प्रकार से आर्ट्स में राजनीति शास्त्र, इतिहास, जीयोग्राफी से लेकर फिजिकल एजुकेशन तक के लिए नहीं कोई अध्यापक स्कूल में नियुक्त नहीं है। जिन्हें जेबीटी और टीजीटी अध्यापक पढ़ाई करवा रहे हैं।

स्कूल में नहीं है कोई प्रिंसिपल

स्कूल को अपग्रेड करने के बाद जहां पर विभाग प्रवक्ताओं की नियुक्ति करना भूल चुका है उसी तरह से स्कूल में प्रिंसिपल की भी नियुक्ति नहीं है। मलोया के स्कूल में चार किलोमीटर दूरी पर स्थित स्कूल गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल धनास की प्रिंसिपल सीमा रानी को अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। इसके चलते स्टूडेंट्स और अभिभावक भी परेशान हैं कि यदि स्टूडेंट्स को स्कूल में आने वाली परेशानी के लिए शिकायत करें तो आखिर किसे और कहां पर। स्कूल में गंदगी के ढेर लगे हुए है। शौचालय की स्थिति खराब है।

डीईओ ने किया औचक निरीक्षण, हेडमास्टर को बनाया प्रिंसिपल

स्कूल अध्यापकों और स्थानीय लोगों की मांग के बाद मंगलवार को जिला शिक्षा अधिकारी प्रभजोत कौर ने स्कूल में औचक निरीक्षण किया और गवर्नमेंट माडल हाई स्कूल मलोया की हेडमास्टर मंजीत कौर को प्रिंसिपल की कुर्सी पर नियुक्त कर दिया गया।