बस नाम का एम्‍स, 14 सौ करोड़ के एम्स में, छह मरीज भर्ती- 23 दिन में मात्र एक आपरेशन

 

एम्‍स गोरखपुर में खाली पड़े बेड। - जागरण

गोरखपुर में बाबा राघवदास मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल मरीजों से भरे पड़े हैं लेक‍िन एम्स में मरीज ही नहीं हैं। रव‍िवार को एम्स में सिर्फ छह मरीज भर्ती थे। इनमें से भी दो मरीजों को शनिवार को ही भर्ती किया गया था।

 गोरखपुर,  14 सौ करोड़ रुपये की लागत से तैयार अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जिम्मेदारों की अनदेखी का शिकार होता जा रहा है। बाबा राघवदास मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल मरीजों से भरे पड़े हैं तो एम्स में मरीज ही नहीं हैं। शनिवार को एम्स में सिर्फ छह मरीज भर्ती थे। इनमें से भी दो मरीजों को शनिवार को ही भर्ती किया गया था। अक्टूबर महीने में अब तक सिर्फ एक मरीज का ही आपरेशन किया जा सका है। जबसे एम्स में मरीज भर्ती किए जा रहे हैं तब से अब तक 122 दिन में 121 आपरेशन हुए हैं। यानी एक दिन में एक आपरेशन का भी औसत नहीं है।

एम्स के उप चिकित्सा अधीक्षक और मीडिया प्रभारी डा. शशांक शेखर ने कहा कि अगले महीने तीन सौ बेड का अस्पताल शुरू हो जाएगा। पूरे परिसर में तेजी से काम पूरा कराया जा रहा है। ब्लड बैंक के लाइसेंस की भी प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द ही इलाज से जुड़ी सभी व्यवस्था सामान्य कर दी जाएगी। इसके बाद एक ही छत के नीचे हर बीमारी के मरीजों का इलाज होने लगेगा।

बीआरडी में एक बेड पर दो मरीज

एम्स का अस्पताल खाली है तो बाबा राघवदास मेडिकल कालेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में शनिवार को एक बेड पर दो महिलाओं का इलाज किया जा रहा है। गोला थाना क्षेत्र के नरहर की रीमा का बुधवार को प्रसव हुआ तो सिद्धार्थनगर के लोटन की रीता को प्रसव के बाद एक साथ एक ही बेड पर रखा गया है। डाक्टरों ने स्वजन को बताया कि जैसे ही बेड खाली होगा, रीता को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया जाएगा। यही हाल मेडिसिन विभाग का है। यहां यूरिन में संक्रमण के कारण भर्ती होने आए मरीज को बेड खाली होने तक इंतजार करने को कहा गया है।

जिला अस्पताल में भी मरीज भरे

जिला अस्पताल में वर्तमान में दो सौ से ज्यादा मरीज भर्ती हैं। इमरजेंसी में रोजाना सौ से ज्यादा मरीज आ रहे हैं तो ओपीडी में मरीजों की संख्या 15 सौ से ज्यादा बनी रहती है। कम संसाधन में जिला अस्पताल में मरीजों को इलाज मिल रहा है लेकिन एम्स में सुविधा नहीं मिल पा रही है।

आज आएंगे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख एल मांडविया रविवार को गोरखपुर आ सकते हैं। उनके आने की जानकारी मिलते ही एम्स प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ सिद्धार्थनगर जा सकते हैं। ऐसी स्थिति में एम्स प्रशासन रविवार को उनके ठहरने के भी इंतजाम में जुटा रहा। शनिवार शाम एम्स के मुख्य गेट पर सौ करोड़ टीकाकरण का बैनर लगाया गया। सभी डाक्टरों और कर्मचारियों को रविवार को परिसर में मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं।

आज खुली रहेगी एम्स की ओपीडी

गोरखपुर: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के निरीक्षण के मद्देनजर एम्स प्रशासन ने रविवार को भी ओपीडी खोलने का निर्णय लिया है। एम्स के उप चिकित्सा अधीक्षक की ओर से मुख्य गेट पर नोटिस चस्पा किया गया है। इसमें कहा गया है कि ओपीडी रविवार को भी खुली रहेगी।

एम्स की ओपीडी

सर्जरी

बाल रोग विभाग

स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग

चर्म रोग विभाग

नाक, कान व गला रोग विभाग

नेत्र रोग विभाग

हड्डी रोग विभाग

मेडिसिन विभाग

मानसिक रोग विभाग

सांस रोग विभाग

फेमिली मेडिसिन

शारीरिक चिकित्सा एवं पुनर्वास विभाग

रेडियोथेरेपी (कैंसर विभाग)