अब ड्रोन से कोरोना की वैक्सीन पहुंचाने की हुई शुरुआत, 15 मिनट में 31 किलोमीटर की दूरी की गई तय

 


आइसीएमआर के ड्रोन रिस्पांस एंड आउटरीच की हुई शुरुआत
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने नॉर्थ ईस्ट (i-Drone) में आइसीएमआर के ड्रोन रिस्पांस एंड आउटरीच की शुरुआत की है। मंडाविया ने कहा कि 15 मिनट में 31 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए बिष्णुपुर जिला अस्पताल से करंग स्वास्थ्य केंद्र लोकतक झील मणिपुर में टीकों को ले जाया गया है।

नई दिल्ली, एएनआइ। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने नॉर्थ ईस्ट (i-Drone) में आइसीएमआर के ड्रोन रिस्पांस एंड आउटरीच की शुरुआत की है। इसके तहत ड्रोन के जरिए स्वास्थ्य केंद्रों तक कोरोना वैक्सीन पहुंचाई जाएगी। इसकी खासियत बताते हुए मंडाविया ने कहा कि ड्रोन द्वारा 15 मिनट में 31 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए, बिष्णुपुर जिला अस्पताल से करंग स्वास्थ्य केंद्र लोकतक झील मणिपुर में टीकों को ले जाया गया है

वहीं, इसके पहले स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने सोमवार को कहा कि भारत की सत्तर फीसद वयस्क आबादी को कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक दी जा चुकी है। इसके साथ ही देशभर में दी गई कुल खुराक 91 करोड़ को पार कर गई है। 25 फीसद वयस्क आबादी को टीके की दोनों खुराकें दी जा चुकी हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने एक ट्वीट में कहा कि पीएम मोदी के तहत भारत कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में नए मुकाम हासिल कर रहा है। इसे बनाए रखें भारत, आइए हम कोरोना से मिलकर लड़ें।

राष्ट्रव्यापी एंटी कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत देश में कोरोना वैक्सीन की खुराक सोमवार को 91 करोड़ को पार कर गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 5.67 करोड़ से अधिक (5,67,37,905) वैक्सीन खुराक अभी भी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के पास उपलब्ध हैं।

सितंबर में औसत दैनिक टीकाकरण प्रति दिन 79.08 लाख रहा है। मंत्रालय ने रेखांकित किया कि देश में सबसे कमजोर जनसंख्या समूहों को कोरोना से बचाने के लिए एक उपकरण के रूप में टीकाकरण अभ्यास की नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है और उच्चतम स्तर पर निगरानी की जा रही है।

बता दें कि स्वास्थ्य कर्मियों (एचसीडब्ल्यू) को पहले चरण में टीका लगाने के साथ देशव्यापी टीकाकरण अभियान 16 जनवरी को शुरू किया गया था। फ्रंटलाइन वर्कर्स (FLWs) का टीकाकरण 2 फरवरी से शुरू हुआ था।