सुविधाओं के लिए सड़क पर उतरे 24 वन ग्रामों के लोग, वन परिसर में दिया धरना

 

सभा में वक्ताओं ने राज्य सरकार द्वारा वन ग्रामों की अनदेखी किए जाने पर रोष जताया।
सोमवार को वन ग्राम संघर्ष समिति के बैनर तले अलग-अलग वन ग्रामों के लोग भवानीगंज चौक पर एकत्रित हुए। यहां से जुलूस समिति के अध्यक्ष एस लाल के नेतृत्व में नारेबाजी करता हुआ वन परिसर पहुंचा। ग्रामीण मूलभूत सुविधाएं दिए जाने से संबंधित मांगों की तख्तियां लेकर चल रहे थे।

 संवाददाता, रामनगर : सुविधाओं की मांगों को लेकर 24 वन ग्रामों के सैकड़ों लोग सड़क पर उतरे। उन्होंने सुविधाएं न मिलने पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर वन विभाग के परिसर में धरना दिया। जुलूस में महिलाओं, बच्चे, बुजुर्गों व युवाओं ने बढ़चढ़ कर भागीदारी की। विधायक के आश्वासन पर धरना स्थगित हुआ। 

सोमवार को वन ग्राम संघर्ष समिति के बैनर तले अलग-अलग वन ग्रामों के लोग भवानीगंज चौक पर एकत्रित हुए। यहां से जुलूस समिति के अध्यक्ष एस लाल के नेतृत्व में नारेबाजी करता हुआ वन परिसर पहुंचा। जुलूस में शामिल ग्रामीण वन ग्रामों को राजस्व गांव बनाने, मूलभूत सुविधाएं दिए जाने से संबंधित मांगों की तख्तियां लेकर चल रहे थे। जुलूस में शामिल वन परिसर में धरने में बैठ गए। यहां हुई सभा में वक्ताओं ने राज्य सरकार द्वारा वन ग्रामों की अनदेखी किए जाने पर रोष जताया।

कहा कि वे आज भी वन ग्रामों में बिना सुविधा के जीवन बसर कर रहे हैं। उनके गांव में बिजली, पानी, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी सुविधा तक नहीं है। आज तक विकास की मुख्य धारा से उन्हें दूर रखा गया। उनके गांव में शद्ध पानी पीने तक की व्यवस्था नहीं है। सरकारी योजनाओं का लाभ भी उन्हें नहीं मिलता है। धरना स्थल पर पहुंचकर विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने कहा कि राजस्व गांव का दर्जा नहीं मिलने तक वन ग्रामों में सुविधाएं हर हाल में मिलनी चाहिए। वह अपनी सरकार व हर स्तर पर प्रयासरत रहते हैं। 

कार्य बहिष्कार कर धरने पर बैठे दैनिक श्रमिक

रामनगर : कार्बेट टाइगर रिजर्व में वर्ष 2018 से कार्यरत दैनिक श्रमिक उन्हें ठेकेदार के माध्यम से रखे जाने से आक्रोशित है। उन्होंने कार्य बहिष्कार करते हुए सीटीआर गेट पर अपनी मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। धरने दे रहे दैनिक श्रमिकों ने कहा कि उन्हें वर्ष 2018 में कार्बेट प्रशासन द्वारा दैनिक श्रमिक के रूप में रखा था। ढिकाला, बिजरानी, सर्पदुली में, गिरिजा जोन में करीब 120 दैनिक श्रमिक लंबे समय से जंगल में वन, वन्य जीवों की सुरक्षा व रेंज कार्यालय में काम कर रहे हैं। अब राज्य सरकार विभाग द्वारा रखे गए दैनिक श्रमिकों को आउटसोर्स संस्था के तहत ठेकेदारी प्रथा पर रख रही है।

वह ठेकेदारी प्रथा से विभाग में काम नहीं करना चाहते हैं। सरकारी कार्यालयों में अस्थाई कर्मचारियों को रखने के लिए ठेकेदारी को बढ़ावा देने पर नाराजगी जताई। इसके लिए उनके द्वारा कार्य बहिष्कार किया गया है। उन्होंने सरकार से उन्हें उपनल के जरिए रखे जाने की मांग की है। इस दौरान उन्होंने सीटीआर निदेशक राहुल को ज्ञापन भी सौंपा। इस दौरान विनोद चंद्र, भाष्कर चंद्र, विनोद रावत, गौरव जलाल, घनश्याम, गिरीश, सोहन सिंह, अमर सिंह, योगेश कुमार, कुंवर सिंह, गौरव जलाल, आकाश रावत, कुबेर सिंह रंजीत कुमार मौजूद रह

े।