लेखपाल के रजिस्टर में मिलेगी गांव की हर सूचना, 29 प्रकार की सूचनाएं होंगी संकलित

 

लेखपाल के रजिस्टर में अब गांव की हर सूचना दर्ज होगी। - प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर
ग्रामीण क्षेत्रों की कई सूचनाओं के लिए माथापच्ची नहीं करनी होगी। क्षेत्रीय लेखपाल के रजिस्टर में गांव से जुड़ी हर सूचना दर्ज होगी। जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने सूचनाओं तक पहुंच आसान बनाने के लिए सभी लेखपालों को विशेष रजिस्टर देने की पहल शुरू की है।

गोरखपुर। गांव की जनसंख्या क्या है, किस जाति-धर्म के कितने लोग हैं? धार्मिक स्थल की क्या स्थिति है, बिजली के कितने ट्रांसफार्मर और खंभे हैं, कितने हैंडपंप हैं और उनकी स्थिति क्या है? जैसी कई सूचनाओं के लिए माथापच्ची नहीं करनी होगी। क्षेत्रीय लेखपाल के रजिस्टर में गांव से जुड़ी हर सूचना दर्ज होगी और समय-समय पर अपडेट भी की जाएगी। जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने सूचनाओं तक पहुंच आसान बनाने के लिए सभी लेखपालों को विशेष रजिस्टर देने की पहल शुरू की है। इसमें 29 बिन्दुओं पर विस्तार से सूचनाएं उपलब्ध होंगी। रजिस्टर में करीब 60 पृष्ठ होंगे।

यह होगा फायदा

शासन, प्रशासन की ओर से जब भी कोई जानकारी मांगी जाती है, उसे नए सिरे से एकत्र किया जाता है। कई ऐसी सूचनाएं होती हैं, जिन्हें कहीं संकलित नहीं किया जाता। लेखपालों के रजिस्टर से इस तरह की हर जानकारी तुरंत मिल सकेगी और उसके अनुसार योजनाओं के क्रियान्वयन की कार्ययोजना बनाने में भी आसानी होगी। गांव में सिंचाई की स्थिति, शवदाह गृहों की संख्या एवं उनकी स्थिति, मतदेय स्थलों का पता, वहां सुविधाओं की स्थिति का संकलन भी रजिस्टर में करना होगा। गांव में कोई ऐतिहासिक या महत्वपूर्ण स्थान है तो गाटा संख्या सहित उसका विवरण दर्ज करना होगा। इस बात का भी उल्लेख किया जाएगा कि उसपर किसी का कब्जा तो नहीं है। कृषि कार्य के लिए आवंटित रकबा, आवंटियों की संख्या एवं आवंटन की तिथि, कितने आवंटियों को कब्जा मिला है, इसका विवरण भी रजिस्टर में मौजूद होगा। शांति व्यवस्था को प्रभावित करने वालों की कुंडली भी दर्ज होगी।

इन 29 बिन्दुओं से जुड़ी सूचनाएं होंगी शामिल

मुख्य राजस्व अधिकारी सुशील कुमार गौड़ ने बताया कि रजिस्टर में ग्राम सभा की सामान्य सूचनाएं के अलावा कृषि आवंटन, सीलिंग आवंटन, मत्स्य पालन के लिए तालाब आवंटन, आवास आवंटन का विवरण, वृक्षारोपण आवंटन, कुम्हारी कला आवंटन, आसामी आवंटन का विवरण, गांव में प्राथामिक स्कूल से लेकर डिग्री कालेज तक का विवरण, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पशु चिकित्सालय, राशन की दुकान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं केंद्र का विवरण, शस्त्र लाइसेंस धारकों की सूची विवरण सहित, भूमि विवाद का विवरण, भूमि विवाद के अतिरिक्त ऐसे व्यक्तियों का पूर्ण विवरण जिनके कारण शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, गांव में पहले कभी शांति व्यवस्था भंग हो चुकी है तो उसका पूरा विवरण, प्रशासन के सहयोगी लोगों की जानकारी, सरकारी भवन एवं कार्यालय की विवरण, ग्राम सभा, सरकारी, सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जेदारों का पूर्ण विवरण, सार्वजनिक उपयोग की आरक्षित श्रेणी की भूमि का गाटावार विवरण, आम आदमी बीमा योजना, व्यक्तिगत कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत ग्रामवार पंजीकरण का विवरण, वृद्धावस्था, निराश्रित, दिव्यांग पेंशनधारकों के विवरण सहित सूची, गांव में वाहनों की स्थिति एवं अन्य प्रकार की सूचनाओं का विवरण होगा।

गांव से जुड़ी हर छोटी से बड़ी सूचना के संकलन के लिए लेखपालों को रजिस्टर दिया जाएगा। इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। मुख्य राजस्व अधिकारी इसकी निगरानी करेंगे। सूचनाएं संकलित होने से योजनाओं के लाभ की स्थिति के बारे में आसानी से जानकारी मिल सकेगी। गांवों में शांति-व्यवस्था कायम करने में भी मदद मिलेगी। - विजय किरन आनंद, जिलाधिकारी।