सस्ते मोबाइल डेटा में भारत दुनिया में सबसे आगे, 7 साल में 46 गुना बढ़ी खपत, लेकिन स्पीड में फिसड्डी साबित

 

यह मोबाइल डेटा खपत की प्रतीकात्मक फाइल फोटो है।

 मौजूदा वक्त में भारत में 1.18 बिलियन मोबाइल कनेक्शन है। इसमें से 700 मिलियन इंटरनेट यूजर्स और 600 मिलियन स्मार्टफोन यूजर्स हैं जो कि प्रति तिमाही 2.5 करोड़ के हिसाब से बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 2026 तक औसत डेटा खपत 40GB प्रतिमाह हो सकता है।

नई दिल्ली :भारत में मोबाइल इंटरनेट यूजर्स की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही है। भारत में दुनिया का सबसे सस्ता डेटा मिलता है। इसकी वजह से भारत की डेली डेटा लिमिट 4GB हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत प्रतिमाह सबसे ज्यादा डेटा खपत करता है। Ericsson Mobility Report के लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार 2019 में महीने का औसत डेटा खर्च भारत में 13GB था, जो साल 2020 में बढ़कर 14.6GB प्रति माह हो गया। 2014 की तुलना में वर्ष 2021 में डाटा खपत 45 गुना बढ गया है। मौजूदा वक्त में भारत में 1.18 बिलियन मोबाइल कनेक्शन हैं। इसमें से 700 मिलियन इंटरनेट यूजर्स और 600 मिलियन स्मार्टफोन यूजर्स हैं, जो कि प्रति तिमाही 2.5 करोड़ के हिसाब से बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक साल 2026 तक औसत डेटा खपत 40GB प्रतिमाह हो सकता है।

की एंट्री से मोबाइल डेटा कीमत में हुआ क्रांतिकारी बदलाव  

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के मुताबि देश में कुल टेलीफोन यूजर की संख्‍या 1,209.58 म‍िलियन हो गई है। देश में समग्र दूरसंचार घनत्‍व 88.45 फीसद हो गया है, इसमें शहरी व ग्रामीण ह‍िस्‍सेदारी क्रमश: 55.50 फीसद व 44.50 फीसद है। ट्राई की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2014 के मुकाबले 2021 में प्रति जीबी डाटा खर्च 269 रुपये से घटकर 10.93 रुपये हो गया है। वहीं साल 2016 में भारतीय टेलिकॉम मार्केट में Reliance Jio की एंट्री साथ मोबाइल डेटा की कीमतों में अचानाल भारी गिरावट दर्ज की गई। जहां साल 2015 में प्रति 1GB डेटा की कीमत 226 रुपये हुआ करती थी। वो साल 2016 में घटकर 75.57 रुपये हो गई। साल 2016 के बाद से प्रति 1GB डेटा की कीमत लगातार कम हो रही है। बता दें कि भारत में प्रति 100 जनसंख्‍या पर 58.51 इंटरनेट यूजर मौजूद हैं। शहरी क्षेत्र में 103.98 व ग्रामीण में 34.60 है।

प्रति GB डेटा की कीमत

  • 2014 - 269 रुपये
  • 2015 - 226 रुपये
  • 2016 - 75.57 रुपये
  • 2017 - 19.35 रुपये
  • 2018 - 11.78 रुपये
  • 2019 - 11.20 रुपये
  • 2020 - 10.99 रुपये
  • 2021 - 10.93 रुपये

कहां होता है डेटा खपत

अगर डेटा खपत की बात करें, तो भारत दुनिया में सबसे ज्यादा सोशल मीडिया पर वक्त बिताने वाले टॉप-5 देशों की लिस्ट में शामिल हैं। सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा वक्त बिताने के मामले में भारत टॉप-3 पोजिशन पर हैं। ग्लोबल वेब इंडेक्स सर्वे के मुताबिक चीन में लोग सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा वक्त बिताते हैं।

  • चीन - 1.57 घंटे
  • अमेरिका - 2.08 घंटे
  • भारत - 2.6 घंटे
  • नाइजीरिया - 3.42 घंटे
  • फिलीपींस - 3.50 घंटे

मोबाइल इंटरनेट स्पीड में भारत पीछे

भारत में सबसे कम कीमत पर मोबाइल डेटा मिलता है। लेकिन हकीकत यह भी है कि मोबाइल इंटरनेट स्पीड में भारत काफी पीछे है। इस मामले में भारत पाकिस्तान से काफी पीछे है। Ooka की सितंबर 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक भारत की औसत डाउनलोडिंग मोबाइल इंटरनेट स्पीड 63.15 Mbps है। जबकि अपलोडिंग स्पीड 13.37 Mbps है। अगर भारत की तुलना बाकी देशों से करें, तो इस लिस्ट में भारत 138 देशों में से 127वें स्थान पर है। इस लिस्ट में पड़ोसी देश पाकिस्तान भारत से बेहतर स्थिति में है। पाकिस्तान की रैंकिं 138 देशों में 117 है। पाकिस्तान ने पिछले माह के मुकाबले 3 पायदान का सुधार किया है। जबकि भारत की रैंकिंग में 1 पायदान की गिरावट दर्ज की गई है।

किसकी क्या रही रैकिंग और स्पीड 

  • नेपाल - 110वीं रैंकिंग - 22.39 Mbps
  • पाकिस्तान - 117वीं रैंकिंग - 19.82 Mbps
  • भारत - 127वीं रैकिंग - 17.89 Mbps
  • श्रीलंका - 128वीं रैकिंग - 16.58 Mbps
  • टॉप-5 मोबाइल इंटरनेट स्पीड वाले देश
  • UAE - 238 Mbps
  • साउथ कोरिया - 202 Mbps
  • नार्वे - 177 Mbps
  • कतर - 172 Mbps
  • चीन - 165 Mbps

टॉप-5 मोबाइल इंटरनेट स्पीड वाले देश

  • UAE - 238 Mbps
  • साउथ कोरिया - 202 Mbps
  • नार्वे - 177 Mbps
  • कतर - 172 Mbps
  • चीन - 165 Mbps